Himachal Assembly: बजट सत्र आज सोमवार को 2:00 बजे से, राज्यपाल के अभिभाषण के बाद होगी राजस्व घाटा अनुदान पर चर्चा, हंगामे के आसार
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 16 फरवरी 2026 :
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार दोपहर बाद दो बजे से राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण के बाद पहले ही दिन केंद्र की ओर से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने पर सत्तापक्ष ने चर्चा कराने का प्रस्ताव दे दिया है। नियम 102 के तहत चर्चा का यह प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय ने पहले दिन की कार्यसूची में भी शामिल कर लिया है। इस पर हंगामे के पूरे आसार हैं।
सत्तापक्ष आरडीजी पर विपक्ष को घेरने की तैयारी में है, वहीं भाजपा भी इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाएगी। रणनीति के लिए दोनों दलों ने सोमवार को सत्र से पहले विधायक दलों की बैठकें बुला ली हैं। उधर, टकराव को रोकने के मद्देनजर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
चौदहवीं विधानसभा का ग्यारहवां सत्र और वर्तमान सरकार का चौथा बजट सत्र इस बार हंगामेदार होगा। पहली बार बजट सत्र के प्रथम चरण में तीन ही बैठकें बुलाई गई हैं। हालांकि, इसकी शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, लेकिन चर्चा आरडीजी पर ज्यादा केंद्रित होने के आसार हैं। पहले दिन अभिभाषण के बाद शोकोद्गार होगा। उसके बाद सरकार आरजीडी पर चर्चा लाने की तैयारी में है। इसके लिए संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नियम-102 के तहत विधानसभा अध्यक्ष को प्रस्ताव दिया है। स्पीकर का कहना है कि सरकार की ओर से आरडीजी पर चर्चा का प्रस्ताव मिला है, इस पर निश्चित तौर पर चर्चा होगी।
वहीं, विपक्ष राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए अड़ सकता है। इससे हंगामे के आसार हैं। पठानिया ने कहा कि सत्र निर्विघ्न और सुचारु रूप से चले, इसके लिए उन्होंने दोपहर 12:15 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें संसदीय कार्य मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, राज्य सरकार के उप मुख्य सचेतक और भाजपा के मुख्य सचेतक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि बजट सत्र का प्रथम चरण अभी 16, 17 और 18 फरवरी को निर्धारित है, मगर यह बढ़ भी सकता है। बिजनेस नहीं होने की स्थिति में सदन की कार्यवाही को आगे तक स्थगित करने का प्रावधान पहले से है।
राजस्व घाटा अनुदान बहाली का प्रस्ताव रखेंगे हर्षवर्धन
उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान नियम-102 के अंतर्गत सदन में सरकारी संकल्प प्रस्तुत करेंगे। सरकार की ओर से प्रस्ताव किया जाएगा कि संविधान के अनुच्छेद 275 एवं 280 के तहत प्रदेश को 5वें से 15वें वित्तायोग तक जो राजस्व घाटा अनुदान राशि मिलती रही, उसे 16वें वित्तायोग की सिफारिशों के अनुरूप केंद्र सरकार की ओर से आगामी वित्तीय वर्ष से बंद कर दिया है। इससे प्रदेश में आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सदन केंद्र सरकार से पूर्व में दी जा रही आरडीजी को दोबारा बहाल करने की पुरजोर सिफारिश करेगा।
नगर निगम द्वितीय संशोधन विधेयक और भू-संपदा विनयमन पर पुनर्विचार
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भू-संपदा (विनयमन और विकास हिमाचल) हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2025 को पुनर्विचार के लिए रखेंगे। इसमें रेरा अध्यक्ष के चयन पैनल से मुख्य न्यायाधीश को हटाकर नियुक्ति प्रक्रिया को कार्यपालिका के अधीन करने का प्रावधान है। इसमें फिर संशोधन किया जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश नगर निगम (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 को भी पुनर्विचार के लिए रखा जाएगा। इस विधेयक के तहत नगर निगम के महापौर और उप महापौर के कार्यकाल को बढ़ाकर पांच साल करने का प्रावधान किया गया है।
विस सचिवालय को मिले 125 सवाल
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि विधानसभा सचिवालय को अभी 125 सवाल मिले हैं। इनमें 111 प्रश्न तारांकित और 14 प्रश्न अतारांकित हैं। इन्हें नियमानुसार सरकार को आगामी कार्यवाही के लिए भेजा गया है। इनमें मुख्यरूप से इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि, स्कूलों का विलय, सड़कों, पुलों का निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, महाविद्यालयों, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पदपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, पेयजल की आपूर्ति, नशे की रोकथाम, बढ़ते आपराधिक मामलों, सौर ऊर्जा और परिवहन व्यवस्था पर आधारित प्रश्न हैं। नियम 62 और 101 के तहत 2 सूचनाएं ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुई हैं।(SBP)
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