Himachal Breaking: Chandra-Beas Link Project Gets Nod : पाकिस्तान के खिलाफ पीएम मोदी का मास्टर स्ट्रोक; ब्यास में मिलाएंगे चंद्रा नदी का पानी, योजना को मंजूरी
बाबूशाही नेटवर्क
कुल्लू/नई दिल्ली: 25 मई 2026 : ऑपरेशन सिंदूर के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान को मोदी सरकार ने खून के आंसू रुलाने की व्यवस्था कर दी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने सिंधू जल संधि से किनारा करने के बाद अब बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान के ऊपर की है। इसके तहत चंद्रा नदी का पानी ब्यास नदी में मिलाने के लिए 2352 करोड़ की महत्त्वकांक्षी परियोजना को मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
इसके चलते पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित दिल्ली को भरपूर पानी मिल पाएगा और हिमाचल में चार हजार मेगावाट बिजली पैदा हो पाएगी। इस प्रोजेक्ट से हिमाचल की गरीबी दूर होने के साथ ही आर्थिकी भी मजबूत होगी। ब्यास और चंद्रा नदी के पानी को मिलाने का सपना भाजपा नेता प्रवीण शर्मा ने देखा था। इसके बाद अब केंद्र सरकार की कैबिनेट ने इस विजन पर मुहर लगा दी है।
हिमाचल प्रदेश सरकार और केंद्र ने लाहुल स्पीति जिला में चिनाब और ब्यास नदी बेसिन को जोड़ने वाली 2352 करोड़ रुपयों की बड़ी अंतरबेसिन जल स्थानांतरण परियोजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह परियोजना मुख्य रूप से 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग के निर्माण पर आधारित है और चिनाब बेसिन के अतिरिक्त पानी को ब्यास नदी प्रणाली में मोड़ देगी।
यह परियोजना लाहुल स्पीति के कोकसर गांव के पास अटल टनल के उत्तर पोर्टल से थोड़ा ऊपर बनेगी। इसमें 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग से चंद्रा का पानी ब्यास नदी में डाला जाएगा। चंद्रा नदी का पानी मोड़ने के लिए हाइड्रोलिक स्ट्रक्चर और टनल नेटवर्क तैयार किया जाएगा। फेज एक में लाहुल घाटी में 19 मीटर ऊंचा बैराज बनाया जाना है। (SBP)
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