Himachal: Chandra-Beas Link Project: रोहतांग क्षेत्र में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना का विरोध, सेव लाहुल स्पिति सोसाइटी ने जताई चिंता
बाबूशाही ब्यूरो
कुल्लू/लाहुल-स्पिति: 27 मई, 2026: रोहतांग क्षेत्र में प्रस्तावित बड़ी जलविद्युत परियोजना को लेकर पर्यावरणीय और सामाजिक चिंताएं सामने आने लगी हैं। “सेव लाहुल स्पिति सोसाइटी” ने इस परियोजना पर कड़ा विरोध जताते हुए सरकार से इसे लेकर पुनर्विचार करने की मांग की है।
सोसाइटी के अध्यक्ष बी. एस. राणा द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि हाल ही में कुछ ऑनलाइन समाचार माध्यमों और स्थानीय चैनलों में प्रकाशित खबरों के अनुसार रोहतांग क्षेत्र में करीब 2356 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ी जलविद्युत परियोजना स्वीकृत हुई है।
बताया जा रहा है कि इस परियोजना के तहत लगभग 4000 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन किया जाएगा तथा चंद्रा नदी के पानी को मोड़कर व्यास नदी में डाला जाएगा।
प्रेस नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ खबरों में इस परियोजना को पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान की हिंसात्मक गतिविधियों के जवाब के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोसाइटी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पनपती हिंसात्मक गतिविधियों का विरोध आवश्यक है, लेकिन उसके जवाब में प्रकृति के साथ इस प्रकार का हस्तक्षेप उचित नहीं माना जा सकता।
सोसाइटी ने कहा कि पीर पंजाल के दोनों ओर का क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और पिछले चार वर्षों से यहां भूस्खलन तथा भू-कटाव की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में इस प्रकार की विशाल परियोजना लाहुल के नाजुक पारिस्थितिक क्षेत्र के साथ-साथ व्यास नदी के बहाव क्षेत्र में आने वाले कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और पंजाब तक के इलाकों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है।
सोसायटी ने अंधाधुंध विकास मॉडल पर गहरी असहमति व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण के साथ क्रूर व्यवहार नहीं किया जा सकता।
“सेव लाहुल स्पिति सोसाइटी” ने सरकार से हिमालय के इस संवेदनशील भूभाग के निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित परियोजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार ने इस दिशा में उचित कदम नहीं उठाए, तो स्थानीय लोग बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। (SBP)
Click to Follow बाबूशाही हिन्दी फेसबुक पेज →