Himachal Breaking: Chandra -Beas Link Project: Pakistan:
पाक पर मोदी की वाटर स्ट्राइक, टनल के टेंडर जारी, 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग तोड़ेगी दुश्मन देश का भ्रम
24 जुलाई तक मांगी निविदाएं, 28 जुलाई को खुलेगी बिड
बाबूशाही ब्यूरो
मनाली: 26 मई 2026 :
पाकिस्तान पर मोदी सरकार ने इस मर्तबा गुपचुप तरीके से वाटर स्ट्राइक कर दी है। इस स्ट्राइक से आतंकियों को पाल रही पाक की जमीन पानी के लिए तरस जाएगी।
एनएचपीसी ने 8.7 किलोमीटर टनल बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है और 24 जुलाई तक उन दक्ष हाथों को बिड देने के लिए बुलाया है, जो मोदी सरकार की वाटर स्ट्राइक को जमीन पर अंजाम देकर चिनाब नदी का रुख ब्यास नदी की ओर मोड दें। 28 जुलाई को यह बिड खुलेगी और उसके बाद टनल बनाने वाली कंपनी को काम आबंटित हो पाएगा।
इंडस वाटर ट्रीटी का हवाला देकर पाक हमेशा से भारत को चिनाब के पानी को लेकर आंखें दिखाता रहा है। भारत ने इंडस वाटर ट्रीटी को निलंबित करने के बाद चिनाब नदी पर अपना सबसे तगड़ा जल रणनीतिक कदम उठा लिया है।
इसके तहत एनएचपीसी 2352 करोड़ की चिनाब ब्यास लिंक टनल परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए अब तेजी से आगे बढ़ रही है। यह टनल चंद्रा नदी के सरप्लस पानी को ब्यास नदी में मोड़ देगी। इसके साथ में ही 90 मीटर ऊंचा बैराज भी बनेगा।
चंद्रा नदी से ब्यास में आएगा पानी
प्रोजेक्ट मुख्य रूप से मानसून का सरप्लस पानी डायवर्ट करेगा। अनुमान के मुताबिक 0.5 से 0.8 मिलियन एकड़ फुट अतिरिक्त पानी सालाना ब्यास बेसिन में पहुंच सकता है। यह बड़े इंटर बेसिन लिंकिंग प्लान का पहला चरण है, जो आगे और ज्यादा पानी ट्रांसफर कर सकता है।
सामरिक दृष्टि से देश को बड़ा फायदा
यह सिर्फ पानी और बिजली का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि वॉटर डिप्लोमेसी का गेम चेंजर है। इंडस ट्रीटी के तहत चिनाब को पाकिस्तान का पानी माना जाता था। अब भारत सरप्लस पानी को अपने यहां रोक और मोड़कर पूर्वी पाकिस्तान को पानी के लिए तरसा सकता है। (SBP)
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