पंजाब के लिए गौरव की बात: पंजाब कैडर के IAS अधिकारी विपुल उज्ज्वल की अहम भूमिका, पंचायती एडवांसमेंट इंडेक्स को राष्ट्रीय गोल्ड अवॉर्ड
बबूशाही नेटवर्क ब्यूरो
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 4 जुलाई: पंजाब के लिए गौरव की बात है कि पंजाब कैडर के IAS अधिकारी विपुल उज्ज्वल ने भारत के सबसे बड़े ग्रामीण शासन डेटा प्लेटफॉर्म पंचायती एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) को विकसित और राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस पहल को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (NAeG) 2026 में गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया जाता है।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 1–2 जुलाई, 2026 को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। पंचायती राज मंत्रालय की प्रमुख पहल पंचायती एडवांसमेंट इंडेक्स को श्रेणी-VII – डिजिटल प्लेटफॉर्म में डेटा एनालिटिक्स के उपयोग के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के अंतर्गत यह सम्मान मिला। विपुल उज्ज्वल, जो वर्ष 2009 बैच के पंजाब कैडर के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में पंचायती राज मंत्रालय के क्षमता निर्माण (Capacity Building) प्रभाग में निदेशक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, ने इस परियोजना की अवधारणा तैयार करने, इसे क्रियान्वित करने तथा देशभर में विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परियोजना की सफलता में विपुल उज्ज्वल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने पंचायती एडवांसमेंट इंडेक्स को प्रारंभिक डिजाइन चरण से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने तक इसकी पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व किया। उन्होंने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समन्वय स्थापित करने, डिजिटल पोर्टल को सुदृढ़ बनाने, डेटा एकीकरण सुनिश्चित करने तथा जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालित करने में अहम भूमिका निभाई।
PAI 2.0 के दूसरे संस्करण में देशभर की 2,66,999 ग्राम पंचायतों में से 2,59,867 ग्राम पंचायतों (97.3 प्रतिशत) का मूल्यांकन किया गया, जो पहले संस्करण में दर्ज 80.79 प्रतिशत भागीदारी की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। इस अभियान में 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने भाग लिया।
यह सूचकांक 150 संकेतकों (Indicators) और 230 डेटा बिंदुओं के आधार पर ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन करता है। यह मूल्यांकन सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (LSDGs) से जुड़े नौ विषयगत स्तंभों पर आधारित है। रिपोर्टिंग को सरल बनाने के लिए 11 सरकारी योजनाओं और 6 केंद्रीय मंत्रालयों से 59 डेटा बिंदु स्वतः एकीकृत किए जाते हैं। इनमें eGramSwaraj, जल जीवन मिशन, मनरेगा (MGNREGS), पोषण ट्रैकर और UDISE+ जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं।
इस पहल के तहत ग्रामीण शासन के क्षेत्र में देश के सबसे बड़े क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में से एक संचालित किया गया, जिसमें 4.71 लाख से अधिक पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों और हितधारकों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके कार्यान्वयन नेटवर्क में लगभग 37 लाख निर्वाचित जनप्रतिनिधि, 7,135 ब्लॉक विकास अधिकारी तथा 741 जिला अधिकारी शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, PAI के स्कोर का उपयोग अब राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार, ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) तथा पंजाब, झारखंड और उत्तर प्रदेश में पहले से लागू राज्य स्तरीय प्रोत्साहन योजनाओं में किया जा रहा है।

मंत्रालय ने बताया कि विपुल उज्ज्वल ने संकेतक ढांचे (Indicator Framework) को अंतिम रूप देने, डिजिटल पोर्टल को मजबूत बनाने, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समन्वय स्थापित करने, विभिन्न मंत्रालयों के डेटा के एकीकरण तथा बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन में केंद्रीय भूमिका निभाई। PAI 2.0 की सफलता मंत्रालय, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और पंचायती राज संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
पंचायती एडवांसमेंट इंडेक्स भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का वैज्ञानिक, मानकीकृत और साक्ष्य-आधारित मूल्यांकन करना तथा जमीनी स्तर पर पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी शासन को बढ़ावा देना है।
उल्लेखनीय है कि विपुल उज्ज्वल की पत्नी सोनाली गिरि भी वर्ष 2009 बैच की पंजाब कैडर की IAS अधिकारी हैं। वह वर्तमान में पंजाब सरकार में स्कूल शिक्षा विभाग की प्रशासनिक सचिव (Administrative Secretary, School Education) के पद पर कार्यरत हैं। यह अधिकारी दंपति लोक प्रशासन में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए व्यापक रूप से सम्मानित है।
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