क्या आप भी सुबह 8 बजे के बाद उठते हैं? जानें आपकी यह 1 आदत कैसे बढ़ा रही है मोटापा और बीमारी
Babushahi Bureau
चंडीगढ़, 14 अगस्त 2025 : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना एक आम बात हो गई है। कई लोगों को लगता है कि अगर 7-8 घंटे की नींद पूरी हो रही है, तो उठने के समय से कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन विज्ञान और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात से सहमत नहीं हैं। आपकी सुबह 8 बजे के बाद उठने की आदत, जो आपको शायद बहुत सामान्य लगती है, असल में आपके शरीर के अंदर मोटापे और कई गंभीर बीमारियों की नींव रख रही है। यह सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि आपके स्वास्थ्य के साथ एक ऐसा खिलवाड़ है जिसका असर धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से होता है।
यह सब हमारे शरीर की एक अंदरूनी घड़ी से जुड़ा है, जिसे सर्कैडियन रिदम (Circadian Rhythm) कहते हैं। यह प्राकृतिक घड़ी तय करती है कि कब हमें सोना है, कब जागना है, कब भूख लगनी है और कब हमारा मेटाबॉलिज्म सबसे तेज काम करेगा। जब हम प्रकृति के इस नियम के खिलाफ जाते हैं और सूरज उगने के घंटों बाद तक सोते रहते हैं, तो हम असल में अपनी इस बॉडी क्लॉक को डिस्टर्ब कर देते हैं। इसका नतीजा हॉर्मोनल असंतुलन, धीमा मेटाबॉलिज्म और खराब पाचन के रूप में सामने आता है, जो सीधे तौर पर वजन बढ़ने और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का मुख्य कारण बनता है।
देर से उठना क्यों है सेहत का दुश्मन?
देर से उठने का मतलब सिर्फ सुबह के कुछ घंटे खोना नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर के पूरे सिस्टम को बिगाड़ देता है। आइए जानते हैं कि यह कैसे आपको मोटा और बीमार बना रहा है।
1. मेटाबॉलिज्म का धीमा हो जाना: हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म (भोजन से ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया) सुबह के समय सबसे ज्यादा सक्रिय होता है। जब आप जल्दी उठते हैं, तो आपका शरीर कैलोरी को बेहतर तरीके से बर्न करता है। देर से उठने पर आप उस 'गोल्डन पीरियड' को खो देते हैं, जिससे आपका मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और शरीर चर्बी जमा करने लगता है।
2. हार्मोन का बिगड़ता संतुलन: सुबह का समय कोर्टिसोल (Cortisol) जैसे हॉर्मोन के रिलीज के लिए महत्वपूर्ण है, जो हमें ऊर्जा देता है और तनाव को नियंत्रित करता है। देर से उठने से इसका संतुलन बिगड़ता है, जिससे तनाव और चिंता बढ़ती है। साथ ही, यह इंसुलिन (Insulin) के काम में भी बाधा डालता है, जिससे डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
3. गलत खान-पान की आदतें: जो लोग देर से उठते हैं, वे अक्सर जल्दबाजी में नाश्ता छोड़ देते हैं या फिर कुछ अनहेल्दी खा लेते हैं। दिन का पहला भोजन छोड़ने से आपको बाद में तेज भूख लगती है और आप ओवरईटिंग (Overeating) कर लेते हैं, खासकर मीठा और तला-भुना खाने की इच्छा बढ़ जाती है, जो मोटापे का एक बड़ा कारण है।
4. मानसिक स्वास्थ्य पर असर: सुबह की धूप हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इससे 'फील-गुड' हॉर्मोन सेरोटोनिन (Serotonin) का स्तर बढ़ता है। देर तक कमरे में बंद रहने से आप इस प्राकृतिक बूस्टर से वंचित रह जाते हैं, जिससे दिनभर सुस्ती, चिड़चिड़ापन और यहां तक कि डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
एक छोटी आदत, एक बड़ा बदलाव
संक्षेप में, सुबह जल्दी उठना सिर्फ एक पुरानी कहावत नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक रूप से सिद्ध स्वस्थ जीवनशैली की कुंजी है। आपकी सुबह 8 बजे के बाद उठने की आदत आपके शरीर की प्राकृतिक लय को बिगाड़कर आपको चुपचाप मोटापे, डायबिटीज और मानसिक समस्याओं की ओर धकेल रही है।
अगर आप सच में एक स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीना चाहते हैं, तो अपनी इस एक आदत को बदलने की कोशिश करें। शुरुआत में यह मुश्किल लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे आपका शरीर इस सकारात्मक बदलाव को अपना लेगा और आप खुद महसूस करेंगे कि आप पहले से कहीं ज्यादा स्वस्थ, खुश और प्रोडक्टिव हो गए हैं।