Gym Diet : चिकन, अंडा या पनीर? Muscles बनाने के लिए क्या है 'बेस्ट'?
Babushahi Bureau
चंडीगढ़, 26 नवंबर, 2025 : अगर आप जिम (Gym) में घंटों पसीना बहाने के बाद भी अपनी बॉडी में वो बदलाव नहीं देख पा रहे हैं जो आप चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स (Health Experts) का मानना है कि मसल्स (Muscles) बनाने का असली खेल जिम में नहीं, बल्कि आपकी थाली में होता है।
शरीर को मजबूत बनाने और रिकवरी के लिए सही मात्रा में और सही प्रकार का प्रोटीन लेना अनिवार्य है। चाहे आप शाकाहारी हों या मांसाहारी. इसी के चलते आज हम आपको बताएंगे कि अंडा, चिकन और पनीर में से आपकी फिटनेस के लिए सबसे कारगर क्या है।
अंडा: प्रोटीन का 'पावरहाउस'
मसल्स बनाने की बात हो और अंडे (Eggs) का नाम न आए, ऐसा हो नहीं सकता। यह प्रोटीन का जबरदस्त स्रोत है जिसमें नौ तरह के जरूरी अमीनो एसिड (Amino Acids) होते हैं, जो सीधे मांसपेशियों के निर्माण में काम आते हैं। इसके पीले भाग यानी जर्दी में मौजूद हेल्दी फैट्स (Healthy Fats) और विटामिन बी12 (Vitamin B12) शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ रिकवरी में भी मदद करते हैं। आप इसे उबला हुआ, ऑमलेट या स्क्रैम्बल करके अपनी डाइट (Diet) में शामिल कर सकते हैं।
चिकन और लीन मीट: लो फैट, हाई प्रोटीन
नॉन-वेज खाने वालों के लिए चिकन (Chicken) और लीन मीट (Lean Meat) सबसे बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा और फैट बहुत कम होता है, जिसे शरीर आसानी से इस्तेमाल कर लेता है। इसके अलावा, मछली (Fish) और मटन भी शानदार ऑप्शन हैं, जिनसे प्रोटीन के साथ-साथ आयरन (Iron) और ओमेगा-3 (Omega-3) मिलता है, जो मसल रिकवरी को तेज करता है।
पनीर: शाकाहारियों का 'सुपरफूड'
भारतीय रसोई का अहम हिस्सा पनीर (Paneer) केसिन प्रोटीन (Casein Protein) से भरपूर होता है। इसकी खासियत यह है कि यह धीरे-धीरे डाइजेस्ट (Digest) होता है, जिससे यह लंबे समय तक मसल्स को टूटने से बचाता है। आप इसे कच्चा, सब्जी में डालकर या सलाद के रूप में खा सकते हैं।
कब लें सप्लीमेंट्स?
वैसे तो प्राकृतिक भोजन सबसे बेहतर है, लेकिन अगर डाइट से प्रोटीन की कमी पूरी नहीं हो पा रही है, तो आप सप्लीमेंट्स (Supplements) का सहारा ले सकते हैं। बस ध्यान रखें कि उनमें एडिटिव्स (Additives) कम हों।
प्रोटीन का असर बढ़ाने के टिप्स:
1. स्मार्ट कॉम्बो: दाल-चावल या रोटी-दाल जैसे कॉम्बिनेशन बनाएं ताकि पूरा अमीनो एसिड प्रोफाइल मिले।
2. टाइमिंग: वर्कआउट (Workout) के 30 से 60 मिनट के भीतर प्रोटीन लेने से रिकवरी तेज होती है।
3. हाइड्रेशन: ज्यादा प्रोटीन डाइट लेने पर पानी (Water) खूब पिएं, ताकि पाचन और न्यूट्रिएंट्स का अवशोषण (Absorption) बेहतर हो सके।a