भारत को मिली Commonwealth Games 2030 की मेजबानी, PM Modi ने जताई खुशी, पढ़ें क्या लिखा
Babushahi Bureau
ग्लासगो/नई दिल्ली, 26 नवंबर, 2025 : भारत (India) के लिए बुधवार का दिन खेल जगत में एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। स्कॉटलैंड (Scotland) के ग्लासगो (Glasgow) में हुई कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड (Commonwealth Sports Executive Board) की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। बता दे कि बोर्ड ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games - CWG) की मेजबानी भारत को सौंप दी है और अहमदाबाद (Ahmedabad) को आधिकारिक तौर पर होस्ट सिटी (Host City) घोषित किया गया है। यह फैसला भारत की बढ़ती वैश्विक साख और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूती का प्रतीक है।
PM मोदी ने कहा- "ऐतिहासिक होंगे ये खेल"
इस बड़ी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, "खुशी है कि भारत ने शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी के लिए बोली जीत ली है। भारत के लोगों और खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बधाई। यह हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता और खेल भावना ही है जिसने भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है।"
पीएम मोदी ने आगे लिखा, "वसुधैव कुटुम्बकम (Vasudhaiva Kutumbakam) के लोकाचार के साथ, हम बड़े उत्साह के साथ इन ऐतिहासिक खेलों को मनाने के लिए उत्सुक हैं। हम दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार हैं!"
20 साल बाद भारत में सजेगा मंच
भारत 20 साल के लंबे अंतराल के बाद किसी मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट (Multi-Sports Event) की मेजबानी करने जा रहा है। इससे पहले साल 2010 में नई दिल्ली (New Delhi) में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था। उस समय भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 38 गोल्ड समेत कुल 101 मेडल जीते थे। इसके अलावा, भारत 1951 और 1982 में एशियन गेम्स (Asian Games) की मेजबानी भी कर चुका है।
Olympics 2036 का रास्ता हुआ साफ
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिलना भारत के लिए रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इससे ओलिंपिक गेम्स 2036 (Olympic Games 2036) की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी और मजबूत हो गई है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने लाल किले से 2036 ओलिंपिक की मेजबानी का ऐलान किया था और भारत ने पिछले साल नवंबर में इसके लिए आधिकारिक दावेदारी पेश की थी। अब अहमदाबाद में CWG का सफल आयोजन भारत को ओलिंपिक मेजबानी की रेस में सबसे आगे खड़ा कर देगा।