HP Eco Tourism: हिमाचल में ईको टूरिज्म को लगेंगे पंख, वन विभाग ने पांच साल में 200 करोड़ राजस्व का रखा लक्ष्य
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला : 06 सितंबर 2026 : हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में अब पर्यटन के साथ-साथ रोजगार और आर्थिकी की नई बयार बहने वाली है। प्रदेश में ईको-टूरिज्म पारिस्थितिकी पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वन विभाग ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। सरकार ने अगले पांच सालों में ईको-टूरिज्म के जरिए 200 करोड़ रुपए का भारी-भरकम राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस पूरी योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके केंद्र में हिमाचल के स्थानीय लोग होंगे। नई ईको-टूरिज्म साइट्स पर अब 80 फीसदी रोजगार स्थानीय हिमाचली युवाओं को देना अनिवार्य कर दिया है। इस विस्तृत रूपरेखा को धरातल पर उतारने के लिए धर्मशाला कॉलेज के सभागार में वन विभाग की ओर से तीन दिवसीय अहम वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है।
धर्मशाला में आयोजित वर्कशॉप में ईको-टूरिज्म सोसायटी के सीईओ एवं आईएफएस अधिकारी के. तिरुमल ने विभाग का विजन साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश को ईको-टूरिज्म से करीब 15 करोड़ रुपए का सालाना राजस्व मिल रहा है। विभाग की तैयारी इस आय को महज एक साल के भीतर बढ़ाकर 55 करोड़ रुपए तक पहुंचाने की है। इसके लिए शिमला और धर्मशाला सहित विभिन्न वन सर्किलों को अलग-अलग टारगेट दिए गए हैं।
पर्यटन के विस्तार के लिए प्रदेश में 26 नई ईको-टूरिज्म साइट्स विकसित की जा रही हैं। इनमें से 17 साइट्स ऑपरेटरों को आबंटित हो चुकी हैं, जबकि नौ पर मुहर लगनी बाकी है। इन सभी साइट्स के पूरी तरह चालू होने से सरकार को सालाना 8.5 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
स्थानीय लोगों को सौंपेंगे 75 रेस्ट हाउस
वन विभाग ईको-टूरिज्म का फायदा सीधे तौर पर गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचाना चाहता है। इसके तहत बन विभाग के 75 रेस्ट हाउस का संचालन स्थानीय लोगों को सौंपा जाएगा। (SBP)
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