चंद्र ग्रहणः, देशभर में मंदिरों के कपाट बंद:शाम 7 बजे बाद खोले जाएंगे
नई दिल्लीः साल 2026 के पहले चंद्र ग्रहण से पहले ‘सूतक काल’ शुरू हो गया है। देशभर के मंदिरों के पट मंगलवार सुबह मंगल आरती के बाद बंद कर दिए गए हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम 7 बजे दरवाजे खोले जाएंगे, भगवान को स्नान कराया जाएगा और श्रृंगार होगा। भोग आरती के बाद मंदिर रात तक खुले रहेंगे।
हिंदू संस्कृति में चंद्र ग्रहण को धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इसके दौरान और बाद में विशेष नियम और पूजा-पाठ किए जाते हैं।
हिंदू परंपरा के अनुसार, सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है, जो चंद्र या सूर्य ग्रहण से कुछ घंटे पहले शुरू होता है। इस दौरान मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं, धार्मिक गतिविधियां रोक दी जाती हैं और श्रद्धालुओं को भोजन करने या कोई शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है, जिसमें भगवान को स्नान कराना और विशेष पूजा करना शामिल है। इसके बाद मंदिर श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिए जाते हैं
आज का चंद्रग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। ग्रहण दोपहर 3.21 बजे शुरू होगा और शाम 6.47 मिनट तक रहेगा।
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