बस कुछ ही देर में लगेगा चंद्र ग्रहण, जाने क्या करें और क्या ना करें?
लुधियानाः वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026, मंगलवार यानि आज लगने जा रहा है। यह फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को पड़ेगा और धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण’ के रूप में दिखाई देगा, यानी चंद्रमा के उदय के समय ही ग्रहण की अवस्था नजर आएगी।ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा। एशिया के अधिकांश देशों, विशेषकर भारत सहित पूर्वी और मध्य एशिया में यह देखा जा सकेगा। ऑस्ट्रेलिया और ओशिनिया में इसका दृश्य सबसे स्पष्ट रहेगा। इसके अलावा उत्तर और मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी भाग तथा प्रशांत महासागर क्षेत्र में भी ग्रहण पूरी तरह दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण का समय
ज्योतिषाचार्यों की मानें तो फाल्गुन पूर्णिमा को दोपहर में 3.20 बजे से ग्रहण लगेगा और शाम को 6:47 बजे खत्म हो जाएगा. चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:23 बजे से लग चुका है. इसमें शुभ काम, पूजा पाठ, सोना, खाना आदि वर्जित है. आज शाम चंद्र ग्रहण के दिखाई देने का समय 6 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 40 मिनट के बीच है.
इन चीजों का करें दान
- चावल
- गेहूं
- दूध
- चीनी
- घी
- वस्त्र
- धन
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
क्या न करें
- सूतक लगने के बाद भोजन से परहेज करें (बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों को छूट)
- सुई, कैंची, चाकू जैसी नुकीली वस्तुओं का उपयोग न करें
- कोई नया या शुभ कार्य प्रारंभ न करें
- मंदिर के पट बंद रखें और मूर्तियों का स्पर्श न करें
- ग्रहण के दौरान सोने से बचें
- यात्रा और दांपत्य संबंध से भी परहेज करें
क्या करें
- भगवान के मंत्रों जैसे ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करें
- खाने-पीने की वस्तुओं में पहले से तुलसी के पत्ते या कुशा डाल दें
- रामायण, गीता या हनुमान चालीसा का पाठ करें
- ग्रहण के स्पर्श से पहले और बाद में स्नान करें
Click to Follow बाबूशाही हिन्दी फेसबुक पेज →