Himachal Pradesh: मंडी में बनेंगे सेना के टोही विमान, IIT में मानव रहित जहाज बनाने की तकनीक भी की जाएगी विकसित
Babushahi Bureau
मंडी, 30 जनवरी 2026 : भारतीय सेना सहित देश की रक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाने की तकनीक मंडी आईआईटी में ईजाद की जाएगी। इस तकनीक में मानव रहित विमान बनाने और टोही जहाज बनाने का मसौदा भी रहेगा। इसके साथ ही एम्बेडेड सिस्टम को मजबूत बनाने की तकनीक और सामग्री भी तैयार करेगी।
इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी ने जेके संगठन के अंतर्गत आईएसओ 9001 प्रमाणित कंपनी जेके डेलॉप्ट के साथ एक समझौता किया गया है। इस सहयोग के माध्यम से आईआईटी मंडी और जेके डेलॉप्ट अनुसंधान, नवाचार तथा उन्नत प्रौद्योगिकियों को वास्तविक उपयोग योग्य समाधानों में रूपांतरित करने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। यह सहयोग एक परिवर्तनकारी रोडमैप की परिकल्पना करता है।
इसमें आईआईटी मंडी की अनुसंधान उत्कृष्टता और जेके डेलॉप्ट की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमताएं एक साथ मिलकर अगली पीढ़ी की स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का विकास करेंगी। इस साझेदारी का उद्देश्य राष्ट्रीय रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करना, रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना तथा प्रौद्योगिकीय नवाचारों को नागरिक क्षेत्रों तक विस्तारित करना है।
यह समझौता ज्ञापन ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास पर केंद्रित दीर्घकालिक उद्योग, शिक्षा साझेदारी स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से आईआईटी मंडी के प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श के अधिष्ठाता तथा जेके डेलॉप्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए गए और इसका आदान-प्रदान किया गया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, कुलसचिव, वरिष्ठ संकाय सदस्य तथा दोनों संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जेके डेलॉप्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को आईआईटी मंडी के निदेशक द्वारा स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास में कंपनी के योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
भारत की क्षमताओं में होगी बढ़ोतरी
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि आईआईटी मंडी महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में स्वदेशीकरण और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। जेके डेलॉप्ट के साथ यह सहयोग रक्षा और खुदरा अनुप्रयोगों के लिए एम्बेडेड सिस्टम और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। इस एमओयू से आईआईटी मंडी के विजुअल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग समूह मजबूत होगा। इसका नेतृत्व डा. दिनेश सिंह कर रहे हैं।
इस समूह का अनुसंधान कम्प्यूटर विजऩ, मल्टीमॉडल कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा दृष्टि आधारित परसेप्शन प्रणालियों पर केंद्रित है। वर्तमान अनुसंधान कार्यों में मानवरहित हवाई यान आधारित रक्षा अनुप्रयोग, निगरानी और टोही प्रणालियां, दुर्घटना पूर्वानुमान मॉडल तथा वास्तविक समय निगरानी समाधान शामिल हैं। (SBP)
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