हिमाचल में अब रात को 2 बजे भी मिलेगा खाना, 24 घंटे खुले रहेंगे बाजार, सरकार ने दी एक साल की छूट
नई पहल से पर्यटन और नाइट इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा; कर्मचारियों के लिए छह शर्तें अनिवार्य
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 22 सितंबर 2026 : हिमाचल में अब रात 10 बजे के बाद भी बाजारों की रौनक थमने वाली नहीं है। राज्य सरकार ने दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे और सातों दिन संचालित करने की अनुमति दे दी है। इसके दायरे में दुकानें, शोरूम, मॉल, रिटेल चेन, होटल, रेस्तरां, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान आएंगे।
सरकार का यह फैसला खासतौर पर पर्यटन स्थलों और औद्योगिक क्षेत्रों में नाइट इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक स्थापन अधिनियम, 1969 की धारा 9 और 10 तथा संबंधित नियमों में एक साल के लिए छूट दी है। श्रम, रोजगार एवं ओवरसीज प्लेसमेंट विभाग की ओर से 22 सितंबर को अधिसूचना जारी की गई है। यह छूट राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी।
रात में भी मिलेंगे चाय-ढाबे और खानपान की सुविधा
सरकार के फैसले का सीधा असर पर्यटन कारोबार पर पड़ने की संभावना है। शिमला, मनाली, धर्मशाला, सोलन समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर देर रात पहुंचने वाले पर्यटकों को भोजन और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। खासकर पर्यटन सीजन में देर रात तक बाजार और खानपान की सुविधाएं खुली रहने से पर्यटकों को सहूलियत मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहले भी शिमला में रात 10 बजे के बाद पर्यटकों को भोजन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति पर चिंता जताई थी। सरकार का कहना है कि 24x7 संचालन से पर्यटन गतिविधियों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में शिफ्ट आधारित कारोबारी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
छह शर्तों के साथ मिलेगी 24 घंटे संचालन की छूट
हालांकि, 24 घंटे प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति का मतलब कर्मचारियों से लगातार काम लेना नहीं होगा। सरकार ने श्रमिकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए शर्तें तय की हैं।
सरकार ने रखी ये प्रमुख शर्तें
- कर्मचारी से कानून में निर्धारित सीमा से अधिक काम नहीं लिया जा सकेगा।
- प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में कम से कम एक अनिवार्य अवकाश देना होगा।
- निर्धारित सीमा से अधिक ओवरटाइम नहीं कराया जा सकेगा।
- कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के पर्याप्त इंतजाम करना मालिक की जिम्मेदारी होगी।
- महिला कर्मचारियों को नाइट शिफ्ट में लगाने के लिए निर्धारित सहमति और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का पालन करना होगा।
- रात की ड्यूटी के दौरान महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा, परिवहन और सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी।
औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा
24x7 संचालन की छूट का असर केवल पर्यटन कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़, कालाअंब और मैहतपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में शिफ्ट आधारित कारोबार और उससे जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
व्यापारिक संगठनों की ओर से लंबे समय से दुकानों और प्रतिष्ठानों के संचालन समय में राहत की मांग की जाती रही है। अब देर रात तक कारोबार की अनुमति मिलने के बाद श्रम विभाग के सामने यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी कि 24x7 कारोबार की आड़ में श्रमिकों से नियमों के विपरीत काम न कराया जाए।
महिला कर्मचारियों के लिए पहले ही लागू हो चुकी है नाइट शिफ्ट की व्यवस्था
राज्य सरकार ने जुलाई 2025 में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति देने का फैसला किया था। अब 24x7 कारोबार की अनुमति के साथ रात के समय महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों का पालन और महत्वपूर्ण हो गया है।
यानी हिमाचल में अब बाजार की घड़ी 24 घंटे चलेगी, लेकिन कर्मचारियों के काम के घंटे और अधिकार कानून के दायरे में ही रहेंगे। हिमाचल सरकार का यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, पर्यटन और नाइट इकोनॉमी को बढ़ाने के साथ श्रम कानूनों के पालन की नई जिम्मेदारी भी तय करता है। (SBP)
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