चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन; 2025-26 बैच के 1,342 कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग छात्रों को प्रदान की गई डिग्रियां
‘नौकरी नहीं, समस्या तलाशो, वैल्यू बनाओ और 'विकसित भारत' के विज़न को साकार करने के लिए समाधान बनाओ': मनोज डोभाल, सीईओ, डिश टीवी इंडिया लिमिटेड
‘सफल होने के लिए मौलिक बने रहें, विभिन्न नज़रियों का सम्मान करें और मौजूदा तौर-तरीकों पर सवाल भी उठाएं’: प्रमोद मरार, सीईओ सैटिन फिनसर्व
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 2025-26 बैच के 1,342 कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग छात्रों को प्रदान कीं डिग्रियां
मोहाली: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कैंपस में 2025-26 बैच के अंडरग्रेजुएट सीएसई इंजीनियरिंग छात्रों के लिए भव्य सालाना दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। दीक्षांत समारोह के दौरान कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (बीई-सीएसई) और प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के सहयोग से संचालित विभिन्न स्पेशलाइज्ड ट्रैक के 1,342 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
इस अवसर पर डिश टीवी इंडिया लिमिटेड के सीईओ मनोज डोभाल ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उनके साथ सैटिन फिनसर्व लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ प्रमोद मरार और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) एस.एस. सहगल तथा यूनिवर्सिटी के सीनियर अधिकारियों ने ग्रेजुएट छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं।
छात्रों को सम्बोधित करते हुए डिश टीवी इंडिया लिमिटेड के सीईओ मनोज डोभाल ने कहा, “भारत आज ऐसे मुकाम पर है, जहाँ अवसर केवल दुनिया के समाधान अपनाने तक सीमित नहीं, बल्कि अपने समाधान विकसित कर उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुँचाने का है।‘मेक इन इंडिया’ को अगले स्तर पर ले जाते हुए हमें ‘बिल्ड इन इंडिया और मेक इन इंडिया’ के मंत्र को अपनाना होगा। 1.4 अरब लोगों और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ, भारत अवसरों की भूमि है। 2047 तक 'विकसित भारत' के विज़न को साकार करने में युवाओं की अहम भूमिका है। आज के युवाओं को नौकरी नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए। हमारे आसपास मौजूद हर समस्या अपने साथ समाधान खोजने और स्वयं, समाज, देश व दुनिया के लिए मूल्य सृजित करने का एक अवसर लेकर आती है।” उन्होंने ग्रेजुएट्स से आग्रह किया कि वे समस्याओं की पहचान कर किसानों, गांवों और व्यवसायों के लिए उत्पादों, उद्यमों, एप्लिकेशन्स और टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों विकसित करें।
सैटिन फिनसर्व लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ प्रमोद मरार ने कहा, “जब आप यूनिवर्सिटी से निकलकर असल दुनिया में कदम रखते हैं, तो सबसे ज़रूरी चीज़ जो आपके साथ रहती है, वह सिर्फ़ यह नहीं है कि आपने क्या सीखा है, बल्कि आप लोगों के साथ कैसे जुड़ते हैं। कॉर्पोरेट जगत में अपने अनुभव से मैंने सीखा कि लोगों के साथ जुड़ना ही असल में बड़ा फ़र्क लाता है। आप अलग-अलग पर्सनैलिटी, नज़रिए और उम्मीदों वाले लोगों के साथ काम करें, इसलिए मौलिक बने, अपनी भावनाओं को संभालें, दूसरों के विचारों का सम्मान करें और मौजूदा तौर-तरीकों पर सवाल उठाने की हिम्मत रखें। जैसे हैं वैसे ही बने रहें। बड़े सपने देखने से भी ज़रूरी, सपनों को हकीकत में बदलने की स्थिति में खुद को लाने के लिए प्रोत्साहित करना। मुझे चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में भी फीडबैक, अलग नज़रियों और लगातार सीखते रहने के प्रति खुलेपन की भावना स्पष्ट दिखाई देती है, जो छात्रों को आगे बढ़ने में बहुत काम आएगी।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) एस. एस. सहगल ने कहा, "आज टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री की अपेक्षाएं और आपकी आकांक्षाएं तेज़ी से बदल रही हैं। कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट के तौर पर, आपने जो स्किल्स हासिल किए हैं, वे आपके करियर में आगे बढ़ने के साथ और अधिक प्रासंगिक होंगे। आपको हमेशा सीखते रहना चाहिए। डिग्री पूरी होना कोई अंत नहीं है, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने के एक नए दौर की शुरुआत है। हायर एजुकेशन, नए लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म और सीखने के नए तरीकों से अपनी स्किल्स को बेहतर बनाते रहें। सफलता पाने की कोशिश करें, लेकिन कभी भी उन मूल्यों, नैतिकता और नैतिकता से समझौता न करें,जो हमारे समाज की नींव हैं। अपना करियर बनाएं, लेकिन साथ ही एक बेहतर समाज बनाने में भी योगदान दें।"
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