बड़ी खबर: भारतीय तीर्थयात्री सरबजीत कौर और पति नासिर पाकिस्तान में गिरफ्तार
डिपोर्टेशन प्रोसेस शुरू
पाकिस्तान, 5 जनवरी, 2026: भारतीय सिख तीर्थयात्री सरबजीत कौर (नया नाम नूर हुसैन), जो नवंबर 2025 में पाकिस्तान गई थीं और वहीं रुकी थीं, को उनके पाकिस्तानी पति नासिर हुसैन के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। पाकिस्तान सरकार ने अब सरबजीत कौर को वापस भारत डिपोर्ट करने का प्रोसेस शुरू कर दिया है।
इंटेलिजेंस इनपुट के बाद छापेमारी
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (PSGPC) के प्रेसिडेंट और पंजाब के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा के मुताबिक, यह गिरफ्तारी 4 जनवरी, 2026 को ननकाना साहिब के गांव पेहरे वाली से की गई थी। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IBD) और लोकल पुलिस ने एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान कपल को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान खुलासे
पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों की पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं:
TikTok के ज़रिए दोस्ती: सरबजीत कौर और नासिर हुसैन 2016 से TikTok के ज़रिए एक-दूसरे के टच में थे।
वीज़ा की नाकाम कोशिशें: दोनों ने पहले भी कई बार वीज़ा लेने की कोशिश की थी, लेकिन कानूनी वजहों से एप्लीकेशन रिजेक्ट हो गई थीं।
घटना का बैकग्राउंड: सरबजीत कौर (कपूरथला, पंजाब की रहने वाली) 4 नवंबर 2025 को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर एक जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं। वह जत्थे से अलग हो गईं, इस्लाम अपना लिया और 5 नवंबर को नासिर से शादी कर ली।
आगे की कार्रवाई और डिपोर्टेशन
सरबजीत कौर का तीर्थयात्री वीज़ा 'सिंगल एंट्री' था और उसकी अवधि खत्म हो गई है।
ETPB को सौंपा गया: सरबजीत कौर को अब इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) को सौंप दिया जाएगा ताकि उन्हें भारत डिपोर्ट किया जा सके।
नासिर की जांच: नासिर हुसैन पुलिस कस्टडी में रहेंगे। किसी और साज़िश या सुरक्षा भंग की जांच के लिए उनके मोबाइल फ़ोन का फोरेंसिक एनालिसिस किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रोटोकॉल का मुद्दा
यह मामला तब सामने आया जब सरदार महिंदर पाल सिंह ने लाहौर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की, जिसमें इसे वीज़ा नियमों का उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि तीर्थयात्री वीज़ा पर आकर ऐसा करना तीर्थयात्रा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
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