पंजाब में जी-राम-जी एक्ट विरोध:ग्रामीणों ने पोस्टर लगाकर सांसदों से पूछे 9 सवाल
पटियाला, 04 जनवरी,2026ः पंजाब में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) एक्ट, 2025 को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।नाभा क्षेत्र के गांव कंसूहा खुर्द में मनरेगा मजदूरों ने गांव के बाहर बैनर और पोस्टर लगाकर इस कानून के पक्ष में वोट देने वाले सांसदों से सीधे सवाल पूछे हैं। खुद को ‘कंसूहा खुर्द के मनरेगा मजदूर’ बताने वाले ग्रामीणों ने पोस्टर में कुल 9 अहम सवाल लिखे हैं, जो कानून बनाने की प्रक्रिया और इसके संभावित असर को लेकर हैं।
ग्रामीणें ने पूछे यह सवाल
- VB-G RAM G कानून का प्रस्ताव सांसदों को किस दिन मिला और उसे पढ़ने-समझने के लिए कितना वक्त दिया गया?
- कानून के समर्थन में वोट डालने से पहले सांसदों ने किस-किस से चर्चा की?
- इतनी जल्दबाजी में कानून पास करने पर सांसदों ने आपत्ति क्यों नहीं जताई?
- प्रदेश पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाले इस कानून के पक्ष में वोट डालने के क्या कारण थे, और क्या इससे रोजगार की गारंटी वास्तव में बनी रहेगी?
- मनरेगा में मांग के अनुसार रोजगार की व्यवस्था खत्म कर जी-राम-जी में इसे केंद्र की तय राशि से जोड़ना क्यों सही माना गया?
- जब मनरेगा में 100 दिन का रोजगार भी मुश्किल से मिलता था, तो नए कानून में 125 दिन का काम मिलने की गारंटी कैसे दी जाएगी?
- ग्राम सभाओं की शक्तियां सीमित कर गांवों को श्रेणियों में बांटकर काम देने का फैसला सरकार को देने पर सहमति क्यों दी गई?
- रोजगार मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा इसके राजनीतिक इस्तेमाल की जरूरत क्यों पड़ी और आपने इसके पक्ष में वोट क्यों दिया?
- क्या 100 से 125 दिन की गारंटी मनरेगा में ही नहीं बढ़ाई जा सकती थी, नया कानून लाने की जरूरत क्यों पड़ी?
प्रदेश भाजपा इकाई ने 7 जनवरी से VB-G RAM G एक्ट के समर्थन में राज्यव्यापी जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला किया है। पार्टी का दावा है कि यह कानून ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मजबूत करेगा।
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