Himachal in Union Budget : 49,000 करोड़ की आरडीजी बंद करना हिमाचल के इतिहास का काला दिन : सुक्खू
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 02 फरवरी 2026 :
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि 16वें वित्तायोग की सिफारिशों में राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद करके हिमाचल प्रदेश के हितों से कुठाराघात हुआ है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली 49,000 हजार करोड़ रुपए की ग्रांट बंद होना प्रदेश के इतिहास का काला दिन है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में इस विषय को लेकर कानूनी विकल्प तलाशे जाएंगे, क्योंकि राज्य को आर.डी.जी. ग्रांट संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिलती है।
ग्रांट के बंद होने से लोगों के दिलों पर चोट पहुंची है तथा भीष्म आर्थिक संकट के बीच प्रदेश को छुनछुना थमाया गया है। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि 70 वर्ष से मिलने वाली ग्रांट बंद होगी। इससे किसान-बागवान, मजदूर व आम आदमी के हितों से कुठाराघात हुआ है। उन्होंने कहा कि वह क्रमश: 4-4 बार केंद्रीय वित्त मंत्री व 16वें वित्तायोग अध्यक्ष से आरडीजी ग्रांट को प्रत्येक वित्तीय वर्ष 10,000 करोड़ रुपए जारी करने की मांग की थी, ताकि 5 वर्ष 50,000 करोड़ रुपए की ग्रांट मिल सके। इसके विपरीत इस ग्रांट को बंद करके प्रदेश हितों से खिलवाड़ हुआ है।
केंद्रीय बजट 2026-27 निराशाजनक व अन्यायपूर्ण
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वित्तीय वर्ष, 2026-27 का केंद्रीय बजट हिमाचल के लिए निराशाजनक व अन्यायपूर्ण रहा। (SBP)
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