चितकारा यूनिवर्सिटी के होनहार ने बढ़ाया देश का मान, अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप विजेता टीम के उप-कप्तान विहान मल्होत्रा का कैंपस में किया भव्य स्वागत
19 फरवरी 2026:
गर्व, तालियों और जश्न के माहौल के बीच चितकारा यूनिवर्सिटी ने अपने युवा क्रिकेट सितारे विहान मल्होत्रा का जोरदार स्वागत किया। वह इस वर्ष की भारतीय टीम के उप-कप्तान थे, जिसने प्रतिष्ठित आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का खिताब रिकॉर्ड छठी बार जीतकर इतिहास रच दिया।
भारत की इंग्लैंड पर शानदार जीत पूरे देश के लिए ऐतिहासिक पल रही, लेकिन चितकारा यूनिवर्सिटी के लिए यह जीत और भी खास रही। विश्व मंच पर ट्रॉफी उठाने वाले खिलाड़ियों में यूनिवर्सिटी का प्रथम वर्ष का बीबीए छात्र भी शामिल था, जिसने दबाव में शांत रहकर और नेतृत्व में दृढ़ता दिखाकर अपनी अलग पहचान बनाई।
जैसे ही विहान कैंपस पहुंचे, वह सिर्फ घर वापसी नहीं, बल्कि सपनों के साकार होने का जश्न था। छात्र-छात्राएं, शिक्षक और स्टाफ बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए, झंडे लहराए और अपने उप-कप्तान का उत्साह से स्वागत किया, जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया।
विहान की सफलता का सफर अनुशासन, निरंतर मेहनत और नेतृत्व क्षमता से बना है। चाहे दबाव में पारी संभालनी हो या अहम पलों में टीम का हौसला बढ़ाना, उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में संयम और साहस का परिचय दिया।
एक विशेष समारोह में यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर डॉ. मधु चितकारा ने विहान को उनकी उपलब्धि पर सम्मानित करते हुए ₹2 लाख का चेक भेंट किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, “विहान की उपलब्धि सिर्फ खेल में जीत नहीं, बल्कि चरित्र, अनुशासन और दृढ़ता की मिसाल है। वह नए भारत की भावना का प्रतीक हैं, निडर, केंद्रित और भविष्य के लिए तैयार। उन्होंने देश और यूनिवर्सिटी दोनों का नाम ऊंचा किया है।”
भावुक विहान ने यूनिवर्सिटी का आभार जताते हुए कहा, “वर्ल्ड कप जीत के बाद कैंपस लौटना बेहद खास लग रहा है। प्रोफेसरों, मेंटर्स और दोस्तों का समर्थन मेरी यात्रा में बहुत अहम रहा। पढ़ाई और क्रिकेट को साथ लेकर चलना आसान नहीं, लेकिन यूनिवर्सिटी ने हमेशा मुझे अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मैं आगे भी देश और यूनिवर्सिटी का नाम रोशन करने की कोशिश करता रहूंगा।”
विहान की कहानी केवल खेल की सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष और समर्पण की मिसाल है—सुबह-सुबह अभ्यास, लंबे अंतरराष्ट्रीय दौरों के बीच पढ़ाई और दबाव के बावजूद लक्ष्य पर ध्यान।
भारतीय क्रिकेट में आगे बढ़ते हुए विहान अपने साथ चितकारा यूनिवर्सिटी की अटूट भावना भी लेकर चल रहे हैं—साहसी, दृढ़ और अजेय।