सुखबीर बादल के अध्यक्ष रहते समझौता नामुमकिन: ज्ञानी हरप्रीत सिंह का बड़ा बयान
अमृतसर, 5 फरवरी, 2026: अकाली दल रिसर्जेंस के प्रेसिडेंट ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अकाली दल को एक साथ लाने की बिक्रम मजीठिया की कोशिशों पर रिएक्शन दिया है और साफ किया है कि असली एकता के लिए लीडरशिप में बदलाव ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक सुखबीर सिंह बादल शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट हैं, तब तक किसी भी तरह का समझौता करना मुश्किल है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने ज़ोर देकर कहा कि समझौते कभी भी सत्ता के लालच पर आधारित नहीं होने चाहिए, बल्कि पंथिक उसूलों और सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने मजीठिया की 'एकजुट करने वाली' सोच की तारीफ़ की, लेकिन अकाली दल के मौजूदा संकट को हल करने के लिए आइडियोलॉजिकल क्लैरिटी की मांग की।
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