क्रिकेट के 70 से ज्यादा नियमों में हुआ बदलाव, जानें कब से होंगे लागू
नई दिल्लीः क्रिकेट के 73 नियम बदल दिए हैं। इनमें टेस्ट मैच में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर पूरा ओवर खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। डेड बॉल, ओवरथ्रो, बाउंड्री पर लिए जाने वाले कैच, विकेटकीपर की पोजीशन जैसे कई नियम बदले गए हैं। । नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। 2022 के बाद नियमों में यह सबसे बड़ा अपडेट है।
टेस्ट मैच के आखिरी ओवर का नियम बदला
अभी तक टेस्ट क्रिकेट में जब दिन का लास्ट या सेकेंड लास्ट ओवर चल रहा होता है, और विकेट गिर जाता है तो फिर दिन का खेल वहीं पर खत्म कर दिया जाता है. नए बल्लेबाज को उस समय नहीं भेजा जाता है. पर अब MCC यानी मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने इस नियम को बदल दिया है. एमसीसी ने एक बयान में कहा कि समय बचाने के लिए ऐसा किया जाका रहा है, लेकिन इससे समय नहीं बचता है, क्योंकि अगले दिन बची ही गेंदों को फेंका जाता है. पर इससे खेल का रोमांच कम होता है, क्योंकि नया बल्लेबाज मुश्किल परिस्थिति का सामना करने से बच जाता है. अब नए नियम के तहत अगर कंडीशंस ठीक हैं तो लास्ट ओवर भी पूरा किया जाएगा और विकेट गिरने पर नए बल्लेबाज को उतरना होगा.
ओवरथ्रो और डेडबॉल में भी हुआ बदलाव
एमसीसी ने अब ओवरथ्रो और मिस्फील्ड के बीच अंतर को और भी साफ कर दिया है. अब नए नियम के हिसाब से ओवरथ्रो सिर्फ तभी माना जाएगा, जब कोई खिलाड़ी विकेट की तरफ गेंद फेंकेगा और वो गेंद आगे निकल जाएगी. वहीं अगर कोई खिलाड़ी बाउंड्री को पास गेंद रोकने की कोशिश करता है और गेंद उसके हाथ से निकल जाती है तो इसे मिस्फील्ड माना जाएगा.
अब डेडबॉल के लिए भी यह जरूरी नहीं रहेगा कि गेंद विकेटकीपर या गेंदबाज के हाथ में ही हो. अगर गेंद मैदान पर कहीं भी रुक गई और अंपायर को लगा कि बल्लेबाज रन नहीं ले सकता है तो फिर वो गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकता है.
इस तरह के बैट को भी मिली मंजूरी
अब दो से तीन लकड़ी को जोड़कर बने बैट को भी मंजूरी मिल गई है. इस तरह के बैट सस्ते होते हैं, क्योंकि इन्हें दो या तीन लकड़ी के टुकड़ों को जोड़कर बनाया जाता है. ये सिंगल पीस की लकड़ी से बने बैट की तुलना में सस्ते होते हैं. एमसीसी ने ओपन एज क्लब क्रिकेट में इस तरह के बैट के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.
हिट विकेट के नियम को किया गया साफ
अगर बल्लेबाज विपक्षी टीम के किसी खिलाड़ी से टकराकर स्टंप्स पर गिर जाता है तो फिर उसे हिट विकेट नहीं दिया जाएगा. वहीं शॉट खेलते हुए अगर बल्लेबाज के हाथ से बैट छूट जाता है और वो स्टंप पर जाकर गिरता है तो फिर उसे आउट माना जाएगा.
बॉल और बैट के लिए तय हुए मानक MCC ने मौजूदा और पूर्व महिला खिलाड़ियों से सलाह लेकर जूनियर और महिला क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंदों के लिए नए नियम बनाए हैं। अब गेंदों को तीन साइज में बांटा गया है। साइज-1, साइज-2 और साइज-3।
- साइज-1 वही गेंद है, जो अब तक मेंस क्रिकेट में इस्तेमाल होती रही है, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- साइज-2: यह गेंद महिला क्रिकेट और जूनियर खिलाड़ियों के लिए तय की गई है। यह साइज-1 से थोड़ी हल्की और छोटी होती है, ताकि खिलाड़ियों को खेलने में आसानी हो।
- साइज-3: यह गेंद छोटे उम्र के जूनियर खिलाड़ियों के लिए होती है। यह तीनों में सबसे हल्की और छोटी गेंद है, जिससे बच्चों को गेंद संभालने और खेल सीखने में मदद मिलती है।
MCC का कहना यह है कि हर साइज की गेंद अपने तय वजन और आकार के अनुसार बनेगी, लेकिन गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा से जुड़े नियम तीनों के लिए एक जैसे होंगे।
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