राष्ट्रपति का अभिभाषण विकसित भारत का एक 'रणनीतिक ब्लूप्रिंट' है, केंद्र सरकार सभी के समान विकास और अवसरों को दे रही प्राथमिकता: MP सतनाम संधू
श्री गुरु तेग बहादुर जी के सिद्धांत “भय काहू को देत नहिं, ना भय मानत आन” से प्रेरित भारत का नया राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत, वैश्विक स्तर पर दिला रहा कूटनीतिक और आर्थिक सफलताएं: सतनाम सिंह संधू, सांसद
संसद परिसर में सिख मंत्री को गद्दार कह अपमानित करना अत्यंत शर्मनाक एवं निंदनीय घटना है, दुनिया भर के सिखों की भावनाएं हुई आहत: सतनाम सिंह संधू,सांसद
केंद्र सरकार ने पिछले 11 सालों में सिख गुरुओं को सम्मान देने के लिए किए कई ऐतिहासिक कार्य :सतनाम सिंह संधू,सांसद
1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों ने न्याय की उम्मीद खो दी थी, लेकिन मोदी सरकार ने दोषियों को सज़ा दिलाकर न्याय सुनिश्चित किया: सांसद सतनाम सिंह संधू
पीएम मोदी ने वर्ल्ड-क्लास एजुकेशनल और हेल्थकेयर संस्थानों से पंजाब को बनाया सशक्त,एयरपोर्ट्स की क्षमता बढ़ाई: सतनाम सिंह संधू
पंजाब के किसान देश की खाद्य सुरक्षा की नींव हैं: सतनाम सिंह संधू,सांसद
नई दिल्ली, 5 फरवरी-- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में दिए गए अभिभाषण को ऐतिहासिक और विकसित भारत के लिए एक 'रणनीतिक ब्लूप्रिंट' बताते हुए राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने, कहा कि यह केवल सोच नहीं, बल्कि नीति, प्रदर्शन और गति के साथ अमल का रोडमैप है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की पिछले 11 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के लिए विकास और अवसरों को प्राथमिकता की ऐतिहासिक पहल बताया।
मौजूदा बजट सत्र के दौरान संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए, संधू ने इस ऐतिहासिक अभिभाषण की प्रति को सम्मानपूर्वक नमन करते कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के 15वें पन्ने पर नौवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के शब्दों “भय काहू को देत नहिं, ना भय मानत आन” (न डरो, न दूसरों को डराओ) का उल्लेख दर्शाता है कि वर्तमान केंद्र सरकार गुरुओं से प्रेरणा लेकर उनके दिए सिद्धांतों का पालन कर रही है। प्रधानमंत्री ने भी कई बार इन शब्दों को दोहराया है। यह सिर्फ एक आध्यात्मिक संदेश नहीं है, बल्कि यह आज के भारत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का सिद्धांत है। इस सिद्धांत ने भारत को दुनिया भर में कूटनीतिक और आर्थिक सफलताएं दिलाई हैं। हाल ही में भारत ने यूरोपियन यूनियन के साथ एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और अमेरिका के साथ भी एक व्यापार समझौता किया है, जो दर्शाता हैं कि भारत के श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।"
संसद परिसर की सीढ़ियों पर में घटित शर्मनाक घटना की कड़ी निंदा करते हुए सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री मोदी सिख समुदाय का अत्यंत सम्मान करते हैं , सिखों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अनेक कार्य कर रहे हैं वही दूसरी ओर विपक्ष के नेता द्वारा एक सिख मंत्री को देश द्रोही कहकर अपमानित किया गया। इस घटना से पूरी दुनिया के सिखआहत हैं। सिख समुदाय अपनी अनोखी पहचान को बनाए रखने के लिए पूरी दुनिया में चुनौतियों का सामना कर रहा है और कड़ी मेहनत कर रहा है। वहीं विपक्ष के एक नेता द्वारा एक सिख नेता का मज़ाक बनाया गया, जो अत्यंत निंदनीय है।
सांसद सतनाम सिंह संधू ने आगे कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले 11 सालों में सिख गुरुओं का सम्मान करने के लिए कई ऐतिहासिक काम किए हैं। जिनमें श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर विदेशों में बसे 312 सिखों को काली सूची से हटाना,विदेशों में ‘गुरु नानक चेयर्स’ की स्थापना, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व पर पटना साहिब के विकास के लिए 100 करोड़ का आवंटन शामिल है। इसके अलावा, सिख संगत की भावनाओं को समझते हुए श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर की शुरुआत, 2700 करोड़ लागत से हेमकुंड साहिब रोपवे का निर्माण,लंगर से जीएसटी हटाना, साहिबज़ादों की शहादत पर वीर बाल दिवस की घोषणा जैसे कार्य सिख समुदाय की भावनाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। गुरुनगरी अमृतसर में आईआईएम, बठिंडा में एआईआईएमएस और मोहाली में होमी भाभा कैंसर अस्पताल जैसे वर्ल्ड-क्लास संस्थानों ने शिक्षा और हेल्थकेयर के क्षेत्र में पंजाब को मज़बूत किया है। पंजाब में एयरपोर्ट्स की क्षमता बढ़ाने से अब राज्य में चार डॉमेस्टिक और दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट सक्रिय हैं। पीएम ने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम 'श्री गुरु रविदास जी' के नाम पर रखकर पंजाब की का मान बढ़ाया है।
सांसद सतनाम सिंह संधू ने आगे कहा कि देश के विभिन्न शहरों में 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए तीन हज़ार से ज़्यादा सिखों को न्याय मिलने की सारी उम्मीदें खत्म हो गई थीं, लेकिन 2014 में पीएम मोदी की सरकार बनने के बाद एक SIT का गठन, सैकड़ों केस खोले गए, मुआवज़ा और सिखों की हत्याओं के दोषी बड़े राजनीतिक चेहरे सज़ा के कटघरे तक पहुँचे। दशकों के बाद, पहली बार सरकार ने सिखों की बात सुनी और न्याय मिलना शुरू हुआ।"
कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा और पंजाब के किसानों की भूमिका पर संधू ने कहा, “पंजाब हमेशा से देश का अन्न भंडार रहा है, चाहे वह हरित या श्वेत क्रांति के दौरान हो या आज के रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन में पंजाब के किसान देश की खाद्य सुरक्षा के पीछे की मुख्य शक्ति हैं।”
'धन्यवाद प्रस्ताव' का समर्थन करते हुए, सांसद संधू ने कहा, "राष्ट्रपति का भाषण सिर्फ़ उपलब्धियों का ब्यौरा नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा, इतिहास और भविष्य का संगम है। विकसित भारत का संकल्प कोई सपना नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ठोस और साहसी नीतियों का नतीजा है। राष्ट्रपति के भाषण से यह विश्वास जागा है कि इस सदी की पहली तिमाही में ही विकसित भारत की नींव रख दी गई है।"
सांसद ने आगे कहा, "बार किसानों, 10 बार गरीबों, 18 बार नारी शक्ति, 20 बार युवा शक्ति और 17 बार वंचित वर्गों का उल्लेख सरकार की समावेशी विकास के प्रति दृढ़ता को दर्शाता है। 11 बार रोज़गार और 23 बार विकास का उल्लेख यह स्पष्ट करता है कि सरकार प्रतीकवाद नहीं, बल्कि विकास और अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है।"
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