मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सीजीसी यूनिवर्सिटी में साहित्यम 2026 का उद्घाटन
मोहाली, 05 फरवरी,2026ः सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में साहित्यम् 2026 के माध्यम से साहित्य, नेतृत्व और राष्ट्रीय दृष्टि का एक भव्य और सार्थक उत्सव देखने को मिला। विश्वविद्यालय के आधिकारिक साहित्य महोत्सव के रूप में आयोजित यह आयोजन विचार, कला, नीति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का ऐसा सजीव संगम बना, जिसने विकसित भारत की व्यापक अवधारणा को केंद्र में रखते हुए बौद्धिक विमर्श को नई दिशा दी।
इस महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा किया गया। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने साहित्यम् 2026 को एक ऐतिहासिक और निर्णायक स्वरूप प्रदान किया। अपने संबोधन में माननीय मुख्यमंत्री जी ने विकसित भारत की संकल्पना को एक सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास के रूप में प्रस्तुत करते हुए शिक्षा, युवा नेतृत्व, नवाचार और नैतिक शासन को इसकी आधारशिला बताया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को विचारों की प्रयोगशाला और राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए कहा कि साहित्यम् जैसे मंच सार्थक संवाद, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और नागरिक चेतना को प्रोत्साहित करते हैं, जो भारत को एक विकसित, समावेशी और वैश्विक रूप से प्रभावशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में आवश्यक हैं। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन, बौद्धिक विमर्श और राष्ट्रीय प्रगति के बीच सशक्त समन्वय का प्रतीक रहा।
इस अवसर पर भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी, आईपीएस (सेवानिवृत्त) की विशिष्ट उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमा प्रदान की। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने नेतृत्व, अनुशासन और सार्वजनिक सेवा पर गहन विचार साझा किए। उनके विचार विकसित भारत के मूल्यों से गहराई से जुड़े रहे और उन्होंने नैतिक नेतृत्व तथा नागरिक सहभागिता को एक सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला बताया। दिन का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण किरण बेदी लीडरशिप लर्निंग प्रोग्राम (KBLL) का शुभारंभ रहा, जो सिद्धांतों पर आधारित, भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व को विकसित करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल है।
साहित्यम 2026 के दौरान सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली से जुड़े स्टार्टअप्स की उपलब्धियाँ भी सामने आईं। विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर के तहत विकसित इन स्टार्टअप कंपनियों ने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से वित्तीय सहायता प्राप्त की। ईडीएस वैगन टेक प्राइवेट लिमिटेड को आईआईटी मद्रास की ओर से दस लाख रुपये की सीड ग्रांट प्रदान की गई। टेकहेल्थ एपेक्स प्राइवेट लिमिटेड को स्टार्टअप पंजाब, पंजाब राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम के तहत छह लाख पचास हजार रुपये की सहायता मिली। इसके अलावा, विद्युतम वर्डे नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को स्टार्टअप पंजाब से और आसीरा को ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन की ओर से वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। ये सभी उपलब्धियाँ नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने में सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के योगदान को दर्शाती हैं।
साहित्यम् 2026 के प्रथम दिन एक भव्य पुस्तक विमोचन समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें साहित्य को सामाजिक परिवर्तन की चेतना और उत्प्रेरक के रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रसिद्ध लेखक यश तिवारी के साथ-साथ प्रतिष्ठित साहित्यिक व्यक्तित्व श्री अनीश कांजीलाल और सुश्री पंखुड़ी गिडवानी ने विचारोत्तेजक संवादों में भाग लिया। इन चर्चाओं में पहचान, महत्वाकांक्षा, शासन और समकालीन भारत में कथा की बदलती भूमिका जैसे विषयों पर गहन विमर्श हुआ।
महोत्सव को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए कई प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा के कुलपति श्री अशोक कुमार, आईपीएस (सेवानिवृत्त); जीएनटी, आज तक और इंडिया टुडे से जुड़ी संपादक एवं प्रस्तोता सुश्री नवज्योत रंधावा; होमलैंड ग्रुप के सीईओ श्री उमंग जिंदल; तथा भारतीय अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ और ओलंपियन श्री आशीष कुमार चौधरी शामिल रहे। इन सभी ने शासन, मीडिया, उद्यमिता और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों से अपने बहुआयामी दृष्टिकोण साझा किए।
बौद्धिक विमर्श के साथ-साथ साहित्यम् 2026 एक जीवंत सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी उभरा। पैनल चर्चाएँ, वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ, ओपन माइक सत्र और नृत्य प्रतियोगिताओं ने छात्रों को अभिव्यक्ति और विचारों के आदान-प्रदान के सशक्त मंच प्रदान किए। कार्यक्रमों के क्रम में प्रसिद्ध पंजाबी गायिका अफसाना खान की ऊर्जावान प्रस्तुति ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के माननीय चांसलर एवं फादर ऑफ एजुकेशन स. रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा, “विकसित भारत केवल एक आर्थिक लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह एक बौद्धिक और नैतिक मिशन है। साहित्यम् 2026 के माध्यम से हम ऐसे विचारशील मनों का निर्माण करना चाहते हैं जो आलोचनात्मक सोच रखें, जिम्मेदारी से कार्य करें और विवेक व उद्देश्य के साथ भारत का नेतृत्व करें।”
इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के माननीय प्रबंध निदेशक श्री अर्श धालीवाल ने कहा, “साहित्यम् 2026 हमारे इस विश्वास को दर्शाता है कि शिक्षा कक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। नीति निर्माताओं, विचारकों, कलाकारों और युवाओं को एक साथ लाकर हम एक जीवंत संवाद को जन्म दे रहे हैं, जो भारत की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करता है और भविष्य के नेताओं को एक आत्मविश्वासी और प्रगतिशील राष्ट्र के लिए तैयार करता है।”
समग्र रूप से साहित्यम् 2026 का पहला दिन केवल एक साहित्य महोत्सव नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संवाद के रूप में उभरा, जहाँ विचारों का उत्सव हुआ, नेतृत्व का सम्मान किया गया, युवा आवाज़ को मंच मिला और सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली की एक प्रबुद्ध, समावेशी और दूरदर्शी भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दोहराया गया।
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