पंजाब की टेनिस धरती का मेहनती योद्धा — गुरसेवक सिंह अमृतराज
-राष्ट्रीय मंच पर डबल्स में 29वीं रैंक तक पहुंचकर पंजाब का नाम रोशन करने वाला खिलाड़ी
सुखमिंदर भंगू
भारतीय टेनिस के इतिहास में जहां बड़े अंतरराष्ट्रीय सितारों के नाम अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, वहीं राष्ट्रीय सर्किट पर लगातार मेहनत करने वाले अनेक खिलाड़ी भी इस खेल की मजबूत नींव तैयार करते हैं। गुरसेवक सिंह अमृतराज भी ऐसा ही एक नाम हैं, जिन्होंने पंजाब से निकलकर भारतीय टेनिस के राष्ट्रीय पुरुष डबल्स सर्किट में अपनी पहचान बनाई।
उनकी सबसे बड़ी दस्तावेजीकृत उपलब्धि AITA Men’s Doubles Ranking में 29वां स्थान हासिल करना है। ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन के 11 अप्रैल 2022 के आधिकारिक रैंकिंग रिकॉर्ड के अनुसार गुरसेवक सिंह अमृतराज 29वें स्थान पर थे और उनके खाते में 138 AITA अंक थे।
रैंकिंग का यादगार पड़ाव
वर्ष 2022 गुरसेवक सिंह के टेनिस करियर का एक महत्वपूर्ण दौर रहा। 11 अप्रैल 2022 को वह AITA पुरुष डबल्स रैंकिंग में 29वें स्थान पर पहुंचे।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल किसी एक टूर्नामेंट की जीत का परिणाम नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रदर्शन करते हुए रैंकिंग अंक अर्जित करने का नतीजा थी।
जून 2022 के AITA रिकॉर्ड में भी उनका नाम पुरुष डबल्स रैंकिंग में दर्ज था और सितंबर 2023 तक वह राष्ट्रीय रैंकिंग में बने रहे।
सिर्फ सात साल की उम्र में थामा टेनिस रैकेट
ITF के आधिकारिक खिलाड़ी प्रोफाइल के अनुसार गुरसेवक सिंह अमृतराज ने सात साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया। वह दाएं हाथ से खेलते हैं और हार्ड कोर्ट उनकी पसंदीदा सतह है।
बचपन में हाथ में रैकेट थामने से लेकर राष्ट्रीय टॉप-30 तक पहुंचना कई दशकों की लंबी खेल यात्रा को दर्शाता है। टेनिस में केवल शारीरिक ताकत ही पर्याप्त नहीं होती। फिटनेस, फुटवर्क, मानसिक मजबूती, सर्विस, रिटर्न और डबल्स में साथी के साथ तालमेल भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
पंजाब से राष्ट्रीय टेनिस सर्किट तक
अगस्त 2026 के हिसाब से उनकी उम्र 44 वर्ष थी। उनकी खेल यात्रा यह बताती है कि टेनिस में उम्र के साथ-साथ अनुभव, फिटनेस और प्रतिस्पर्धी समझ भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि
गुरसेवक सिंह अमृतराज के करियर की सबसे मजबूत और दस्तावेजीकृत उपलब्धि है:
AITA Men’s Doubles — Career-best Ranking: No. 29
यह रैंकिंग 11 अप्रैल 2022 के आधिकारिक AITA रैंकिंग रिकॉर्ड में दर्ज है।
इसके बाद भी वह राष्ट्रीय रैंकिंग में दिखाई देते रहे। 27 जून 2022 की AITA सूची में वह 33वें स्थान पर थे, जबकि 25 सितंबर 2023 की सूची में उनका स्थान 36वां था।
राष्ट्रीय रैंकिंग में उनकी लगातार मौजूदगी प्रतिस्पर्धी टेनिस से उनके लंबे जुड़ाव और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाए रखने की क्षमता को दर्शाती है।
चुनौतियां और संघर्ष
टेनिस एक बेहद चुनौतीपूर्ण व्यक्तिगत खेल है। हर मैच में खिलाड़ी को कई महत्वपूर्ण फैसले खुद लेने पड़ते हैं। डबल्स में सर्विस, रिटर्न, नेट प्ले, पोजिशनिंग और साथी के साथ तालमेल विशेष रूप से महत्वपूर्ण होते हैं।
गुरसेवक सिंह का AITA टॉप-30 तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि उन्होंने लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी टेनिस में खुद को बनाए रखा।
ITF रिकॉर्ड में उनके कुछ पुराने मुकाबले भी दर्ज हैं, जिससे संकेत मिलता है कि उनकी प्रतिस्पर्धी टेनिस यात्रा 2000 के दशक से चली आ रही है।
परिवार का सहयोग — एक अदृश्य ताकत
किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण होता है। खासकर टेनिस जैसे खेल में, जहां छोटी उम्र से कोचिंग, अभ्यास, उपकरण, यात्रा और टूर्नामेंटों में भागीदारी के लिए लंबे समय की प्रतिबद्धता आवश्यक होती है।
हालांकि, गुरसेवक सिंह के माता-पिता, जीवनसाथी या अन्य पारिवारिक सदस्यों के नाम और उनके विशेष योगदान के बारे में विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोतों में पर्याप्त पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन विवरणों के बारे में अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
शौक और निजी जीवन
किसी खिलाड़ी के शौक उसकी शख्सियत को समझने में मदद कर सकते हैं, लेकिन गुरसेवक सिंह अमृतराज के निजी शौक के बारे में विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इसलिए काल्पनिक जानकारी जोड़ने के बजाय उनके प्रमाणित खेल रिकॉर्ड पर ध्यान देना अधिक उचित है।
एक रैंक से बड़ी कहानी
गुरसेवक सिंह अमृतराज की कहानी केवल 29वीं रैंक तक पहुंचने की कहानी नहीं है। यह उस खिलाड़ी की यात्रा है जिसने बचपन में टेनिस से नाता जोड़ा, दशकों तक इस खेल से जुड़े रहे और आखिरकार भारत की राष्ट्रीय पुरुष डबल्स रैंकिंग के टॉप-30 में अपनी जगह बनाई।
पंजाब की खेल धरती ने हॉकी, कबड्डी, एथलेटिक्स और क्रिकेट के साथ-साथ टेनिस में भी प्रतिभाएं पैदा की हैं। गुरसेवक सिंह अमृतराज इसी खेल परंपरा के ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पुरुष डबल्स में 29वीं राष्ट्रीय रैंक हासिल करके पंजाब की टेनिस क्षमता को मजबूत पहचान दी।
रैकेट हाथ में हो तो उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है—असली पहचान मेहनत, लगन और कोर्ट पर छोड़े गए निशानों से बनती है। गुरसेवक सिंह अमृतराज की 29वीं AITA रैंक इसी जज्बे की एक दस्तावेजीकृत मिसाल है।
- Download Babushahi Hindi App
-
-
Click to Follow हिन्दी बाबूशाही फेसबुक पेज →

-
सुखमिंदर भंगू, Staff Correspondent - Babushahi News Network, Ludhiana
bhangoo1164@gmail.com
9815752449
Disclaimer : The opinions expressed within this article are the personal opinions of the writer/author. The facts and opinions appearing in the article do not reflect the views of Babushahihindi.com or Tirchhi Nazar Media. Babushahihindi.com or Tirchhi Nazar Media does not assume any responsibility or liability for the same.