ट्रेन में तबीयत बिगड़े तो क्या करें? इन ज़रूरी बातों का रखें ध्यान, सैकेंड में मिलेगी मदद
चंडीगढ़, 27 जनवरी,2026ः ट्रेन से यात्रा करना काफी किफायती और सुविधाजनक होता है। लेकिन लंबा सफर अक्सर सेहत के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि अगर अचानक ट्रेन में तबीयत बिगड़ जाए तो तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए। इस स्थिति में भारतीय रेलवे कैसे मदद करता है।
अचानक तबीयत खराब हो जाए तो क्या करना चाहिए?
- अगर पास में दवा हो तो तुरंत लें।
- दवा न हो तो TTE, गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ को तुरंत बताएं।
- वे ट्रेन या स्टेशन की फर्स्ट-एड-किट से दवा की व्यवस्था करते हैं।
- इस दौरान पानी या ORS पीते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन न हो।
- जरूरत पड़ने पर 139 पर कॉल कर मेडिकल इमरजेंसी की सूचना दें।
- जरूरत के मुताबिक, ट्रेन या नजदीकी स्टेशन पर डॉक्टर की व्यवस्था की जाती है।
- गंभीर हालत में TTE ट्रेन को इमरजेंसी स्टॉप दे सकते हैं।
मेडिकल इमरजेंसी नंबर 139 पर कॉल करें
इस नंबर पर कॉल करने से रेलवे के इमरजेंसी हेल्प सेंटर से संपर्क हो जाता है। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी मामले की गंभीरता को समझते हैं। स्थिति के मुताबिक, नजदीकी स्टेशन पर डॉक्टर, मेडिकल टीम या एंबुलेंस की व्यवस्था की जाती है।जरूरत पड़ने पर ट्रेन स्टाफ को अलर्ट किया जाता है। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही मेडिकल सहायता तैयार रखी जाती है। इससे समय पर इलाज संभव हो पाता है और यात्री की हालत बिगड़ने से रोकी जा सकती है।
ट्रेन में डॉक्टर की मदद कैसे और कहां मिल सकती है?
सबसे पहले आप TTE, ट्रेन गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ को अपनी समस्या बताएं। वे पैसेंजर लिस्ट देखकर पता करते हैं कि ट्रेन में कोई डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल यात्रा कर रहा है या नहीं। जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता ली जाती है।इसके अलावा इमरजेंसी नंबर 139 पर कॉल करने से रेलवे अगले स्टेशन पर डॉक्टर या मेडिकल टीम की व्यवस्था करता है। कई बड़े स्टेशनों पर रेलवे अस्पताल या अधिकृत डॉक्टर पहले से मौजूद रहते हैं, जो ट्रेन के पहुंचते ही मरीज को प्राथमिक इलाज देते हैं। गंभीर स्थिति में यात्री को नजदीकी अस्पताल भी रेफर किया जा सकता है।
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