पंजाब में कानून व्यवस्था ध्वस्त, बढ़ती हत्याएं, बेखौफ अपराधी, राष्ट्रपति शासन की तत्काल मांग: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भुखड़ी कलां
लुधियाना, 20 दिसंबर 2025: राष्ट्रीय भाजपा नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भुखड़ी कलां ने आज पंजाब में कानून व्यवस्था की भयावह स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक भावपूर्ण प्रेस बयान जारी किया और जन सुरक्षा व संवैधानिक शासन के व्यापक हित में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने पर गंभीरता से विचार करने की अपील माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से की है।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब अपने सबसे पीड़ादायक और खतरनाक दौर से गुजर रहा है, जहां आम नागरिक लगातार भय के साए में जीने को मजबूर हैं, जबकि अपराधी मौजूदा शासन में पूरी तरह बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि होशियारपुर जिले के कंधाला शेखां गांव में एक मैकेनिक की नृशंस हत्या कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह एक बेहद चिंताजनक सिलसिले का हिस्सा है, क्योंकि पिछले केवल सात दिनों में यह चौथी हत्या है।
ग्रेवाल ने कहा कि इस तरह की बार-बार होने वाली हिंसक घटनाएं कानून व्यवस्था के तंत्र के पूरी तरह चरमरा जाने को दर्शाती हैं और निर्दोष नागरिकों की रक्षा करने में राज्य सरकार की असमर्थता को उजागर करती हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के तहत पंजाब भर में आपराधिक तत्वों का हौसला बढ़ा है और गोलीबारी, हत्याओं व रंगदारी की घटनाएं खतरनाक गति से बढ़ रही हैं।
ग्रेवाल ने कहा कि बढ़ती बंदूक हिंसा और लक्षित हत्याएं पुलिसिंग और शासन व्यवस्था के पूर्ण पतन का संकेत हैं, विशेषकर तब जब मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल के अंत की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अपराधी वर्तमान शासन को ऐसा वातावरण मान रहे हैं, जहां अवैध गतिविधियां बिना किसी डर के चल सकती हैं।
राज्य प्रशासन पर गहरी असंतुष्टि व्यक्त करते हुए ग्रेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जन सुरक्षा के प्रति उदासीन नजर आती है और प्रदेश के लोगों के जीवन, संपत्ति और सम्मान की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के दर्द और चिंता को नजरअंदाज किया जा रहा है और शासन केवल खोखले दावों और प्रचार तक सीमित रह गया है।
ग्रेवाल ने पुलिस तंत्र की आलोचना करते हुए कहा कि वह आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने या नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा करने में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि जब जनता का राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर से विश्वास उठने लगता है, तब केंद्र सरकार का संवैधानिक और नैतिक दायित्व बनता है कि वह हस्तक्षेप करे।
स्थिति की गंभीरता पर जोर देते हुए ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब में शांति, सार्वजनिक व्यवस्था और जनता का विश्वास बहाल करने के लिए अब असाधारण और निर्णायक कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य को और अधिक अराजकता व कानूनहीनता में फिसलने से बचाने के लिए राष्ट्रपति शासन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।
ग्रेवाल ने आगे कहा कि मजबूत केंद्रीय हस्तक्षेप के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों का सहयोग लिया जाना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो कानून व्यवस्था और विधि के शासन को निर्णायक रूप से बहाल करने के लिए भारतीय सेना की सहायता भी ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अपील पंजाब के प्रति प्रेम, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं गृह मंत्री अमित शाह जी के निर्णायक नेतृत्व में पूर्ण विश्वास के साथ की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब खून बहा रहा है, उसके लोग चिंतित हैं और उसके भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने हाथ जोड़कर अपील की कि आज किया गया समय पर हस्तक्षेप कल अनगिनत जिंदगियां बचाएगा और पंजाब के लोगों में फिर से आशा, शांति और विश्वास बहाल करेगा।