विकसित भारत की शुरुआत गांवों से मोदी सरकार ने ग्रामीण इतिहास को नया रूप दिया: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भुखड़ी कलां
लुधियाना 22 दिसंबर 2025: राष्ट्रीय भाजपा नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भुखड़ी कलां ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सशक्त मार्गदर्शन में भारत सरकार ने विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन विधेयक 2025 के माध्यम से ग्रामीण भारत की आत्मा के लिए एक ऐतिहासिक और अत्यंत करुणामय कदम उठाया है।
ग्रेवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट विशेष रूप से एक्स पर लिखा कि यह ऐतिहासिक विधेयक श्रम की गरिमा ग्रामीण परिवारों की सुरक्षा तथा गांवों की दीर्घकालिक मजबूती के प्रति सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो राष्ट्र की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि बीस वर्ष पुराने मनरेगा ढांचे को साहसपूर्वक हटाकर एक आधुनिक पारदर्शी और जन केंद्रित प्रणाली लाकर मोदी सरकार ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि वह सुनती है सीखती है और ईमानदारी तथा संवेदनशीलता के साथ नेतृत्व करती है।
उन्होंने कहा कि अठारह वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार सदस्य को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं बल्कि एक नैतिक वचन है। उन्होंने कहा कि रोजगार के दिनों को सौ से बढ़ाकर एक सौ पच्चीस करना उन लाखों गरीब परिवारों के लिए वास्तविक आय स्थिरता आशा और आत्मविश्वास लेकर आएगा जो जीवन यापन के लिए दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं।
ग्रेवाल ने कहा कि यह विधेयक केवल काम उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि मजबूत टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार गांवों के निर्माण का एक समग्र मिशन है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण ग्रामीण अवसंरचना आजीविका से जुड़े परिसंपत्तियों और जलवायु अनुकूल कार्यों को प्राथमिकता देना प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। उन्होंने जोड़ा कि एकीकृत विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक के अंतर्गत परिसंपत्तियों का निर्माण यह सुनिश्चित करेगा कि खर्च किया गया प्रत्येक रुपया धरातल पर दिखाई देने वाला स्थायी मूल्य पैदा करे।
ग्रेवाल ने कहा कि अतीत के विपरीत यह नया कानून उन सभी प्रमुख कमजोरियों को समाप्त करता है जो वर्षों से मनरेगा को प्रभावित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि कार्य श्रेणियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है ग्राम स्तर की योजना अनिवार्य की गई है और पीएम गति शक्ति जैसे राष्ट्रीय प्लेटफार्मों के साथ एकीकरण से समन्वय जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक रोजगार सृजन आय वृद्धि कृषि उत्पादकता में सुधार और विवश पलायन में कमी के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करेगा। ग्रेवाल ने कहा कि अमृत सरोवर जैसी पहल सहित बड़े पैमाने पर जल संबंधी कार्यों ने पहले ही सिद्ध कर दिया है कि सुविचारित योजना भूजल को पुनर्जीवित कर सकती है कृषि को समर्थन दे सकती है और आजीविकाओं को सुरक्षित कर सकती है।
ग्रेवाल ने कहा कि बोवाई और कटाई के मौसम के दौरान श्रम उपलब्धता राज्यों द्वारा तय किए गए सुव्यवस्थित नो वर्क पीरियड के माध्यम से सुरक्षित की जाएगी जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह संतुलित दृष्टिकोण अचानक मजदूरी वृद्धि को रोकेगा खेती की लागत कम करेगा और श्रम की कमी के बिना कृषि कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि इस सुधार से सबसे अधिक लाभ श्रमिकों को होगा। ग्रेवाल ने बताया कि सुनिश्चित कार्य बेहतर आय डिजिटल भुगतान प्रत्यक्ष बैंक अंतरण आधार आधारित सत्यापन और अनिवार्य बेरोजगारी भत्ता मिलकर श्रमिकों के लिए एक सुरक्षित सम्मानजनक और चोरी मुक्त प्रणाली बनाते हैं। उन्होंने जोड़ा कि जब श्रमिक स्वयं द्वारा निर्मित परिसंपत्तियों से प्रत्यक्ष लाभ पाते हैं तो स्वामित्व और गर्व की भावना बढ़ती है जो ग्राम विकास को और मजबूत करती है।
ग्रेवाल ने कहा कि मनरेगा को बदलना एक आवश्यकता थी विकल्प नहीं। उन्होंने कहा कि आज का ग्रामीण भारत वर्ष 2005 से बिल्कुल अलग है। गरीबी में भारी कमी आई है संपर्क व्यवस्था बेहतर हुई है डिजिटल पहुंच बढ़ी है और सामाजिक सुरक्षा प्रणालियां अधिक सशक्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि पुराना ढांचा अपनी प्रासंगिकता खो चुका था और वर्तमान चुनौतियों का सामना करने में सक्षम नहीं रहा।
उन्होंने आगे कहा कि पहले मांग आधारित फंडिंग से अनिश्चितता और कमजोर योजना बनती थी जबकि नए विधेयक के तहत मानक आधारित फंडिंग से रोजगार गारंटी को कमजोर किए बिना पूर्वानुमेयता अनुशासन और बेहतर शासन सुनिश्चित होता है। ग्रेवाल ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच साझा जिम्मेदारी का मॉडल सहकारी संघवाद का सर्वोत्तम उदाहरण है।
ग्रेवाल ने कहा कि यह विधेयक भ्रष्टाचार फर्जी कार्य मशीनों के दुरुपयोग कमजोर निगरानी और बड़े पैमाने पर धन रिसाव जैसी पुरानी समस्याओं का भी समाधान करता है। उन्होंने कहा कि एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान रियल टाइम डैशबोर्ड जीपीएस निगरानी नियमित ऑडिट और पंचायतों की मजबूत भूमिका अभूतपूर्व पारदर्शिता और जन विश्वास लाएगी।
उन्होंने कहा कि विधेयक की वित्तीय संरचना न्यायसंगत संतुलित और राज्यों की क्षमताओं के प्रति संवेदनशील है। ग्रेवाल ने स्पष्ट किया कि पूर्वोत्तर हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विशेष प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी क्षेत्र पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और आपदा स्थितियों में करुणा तथा लचीलापन बना रहे।
ग्रेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह और भारत सरकार के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह विधेयक हृदय ईमानदारी और राष्ट्रीय कर्तव्य से प्रेरित शासन का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन विधेयक 2025 को एक ऐसे परिवर्तनकारी कदम के रूप में याद किया जाएगा जिसने गांवों को सशक्त किया श्रमिकों की रक्षा की किसानों को मजबूत किया और भारत को एक सच्चे विकसित भारत के सपने के और निकट पहुंचाया।