एक ही दिन में 2 बार कांपी धरती! पहले सुबह, फिर 6 घंटे बाद... जानें कहां आया ये भूकंप?
Babushahi Bureau
नेपिडॉ (म्यांमार), 3 अक्टूबर, 2025 : भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में शुक्रवार को एक ही दिन में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, दूसरा भूकंप रिक्टर पैमाने पर 3.3 की तीव्रता का था, जो भारतीय समयानुसार सुबह 9:54 बजे आया। इससे पहले, तड़के 3:43 बजे भी 3.6 की तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
1. पहला भूकंप: सुबह 3:43 बजे, 3.6 तीव्रता, 60 किलोमीटर की गहराई पर।
2. दूसरा भूकंप: सुबह 9:54 बजे, 3.3 तीव्रता, 90 किलोमीटर की गहराई पर।
हालांकि इन भूकंपों से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है, लेकिन इसने म्यांमार की भूगर्भीय संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
क्यों है म्यांमार भूकंप के प्रति इतना संवेदनशील?
म्यांमार भूकंप के लिहाज से दुनिया के सबसे सक्रिय और खतरनाक क्षेत्रों में से एक है। इसकी वजह इसका चार टेक्टोनिक प्लेटों (भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट) के बीच स्थित होना है।
1. सगाइंग फॉल्ट (Sagaing Fault): म्यांमार से होकर गुजरने वाली 1,400 किलोमीटर लंबी सगाइंग फॉल्ट लाइन एक बड़ा खतरा है। यह देश के प्रमुख शहरों जैसे सगाइंग, मांडले, बागो और यांगून से होकर गुजरती है, जहां देश की 46% आबादी रहती है।
2. उथले भूकंप ज्यादा खतरनाक: विशेषज्ञ बताते हैं कि म्यांमार में उथले भूकंप (कम गहराई वाले) ज्यादा आते हैं, जो गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक विनाशकारी होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इनकी भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे जमीन पर कंपन तेज होता है और इमारतों को ज्यादा नुकसान पहुंचता है।
अतीत के विनाशकारी भूकंप
म्यांमार ने अतीत में कई बड़े और विनाशकारी भूकंपों का सामना किया है।
1. मार्च 2025 का भूकंप: इसी साल मार्च में आए 7.7 और 6.4 तीव्रता के भूकंपों ने मध्य म्यांमार में भारी तबाही मचाई थी। इसके बाद, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विस्थापित लोगों के बीच तपेदिक (TB), HIV और जल-जनित बीमारियों के फैलने का खतरा जताया था।
2. 1903 का भूकंप: बागो में आए 7.0 तीव्रता के भूकंप ने यांगून जैसे घनी आबादी वाले शहर को भी बुरी तरह प्रभावित किया था।
इन लगातार आ रहे भूकंपों के कारण, म्यांमार और उसके आसपास के क्षेत्रों में हमेशा बड़े भूकंप का खतरा बना रहता है, जो न केवल इमारतों के लिए, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर चुनौती है।