इजराइल ने लेबनान में किए ताबड़तोड़ हमले, 254 लोगों की मौत; ईरान ने बंद किया होर्मुज
बेरूत/तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी खूनी संघर्ष अब पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बनने वाला है। इजराइल और लेबनान के बीच जंग ने बुधवार को तब खौफनाक मोड़ ले लिया, जब इजराइली हमलों में महज 24 घंटे के भीतर 254 लोगों की जान चली गई और 700 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। इस तबाही के जवाब में ईरान ने दुनिया को दहलाने वाला कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है।
होर्मुज की नाकेबंदी से हड़कंप
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, लेबनान पर इजराइल के लगातार हमलों के विरोध में ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस समुद्री रास्ते को ब्लॉक कर दिया है। आपको बता दें कि दुनिया का एक-तिहाई समुद्री तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट और वैश्विक तेल सप्लाई पर संकट के बादल छा गए हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
अस्पतालों में बिछी लाशें, चिकित्सा तंत्र फेल
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अस्पतालों में घायलों को रखने की जगह नहीं बची है और दवाइयों की भारी किल्लत हो गई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, इजराइल के ताबड़तोड़ हमलों ने राहत कार्यों को भी मुश्किल बना दिया है।
अमेरिका का दोटूक जवाब और ईरान की धमकी
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने आग में घी डालने वाला बयान देते हुए साफ कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता। दूसरी तरफ, ईरान ने दोटूक चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर इजराइली बमबारी नहीं रुकी, तो वह मौजूदा युद्धविराम समझौते को तोड़कर फिर से युद्ध के मैदान में कूद सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट
ईरान के इस सख्त कदम पर अभी तक अमेरिका की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा, तो दुनिया भर में आर्थिक मंदी और महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है।