क्या अब दोस्त ही बन जाएंगे दुश्मन? Trump की इस 'जिद' ने हिलाया यूरोप, दी ऐसी चेतावनी कि सब हैरान
Babushahi Bureau
दावोस/वॉशिंगटन, 21 January 2026 : अमेरिका और यूरोप, जो दशकों से पक्के साथी माने जाते हैं, अब आमने-सामने आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक 'जिद' ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। मामला ग्रीनलैंड का है, जिसे लेकर ट्रंप ने यूरोपीय देशों को ऐसी धमकी दी है कि यूरोपियन यूनियन (EU) को भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार होना पड़ रहा है।
ट्रंप का अल्टीमेटम: 1 फरवरी से लगेगा टैक्स
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर ग्रीनलैंड के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होता, तो वे अपनी योजना के साथ "100 फीसदी" आगे बढ़ेंगे। उन्होंने धमकी दी है कि 1 फरवरी से डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और फिनलैंड से आने वाले सामान पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ (टैक्स) लगाया जाएगा। यह कदम इन देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ी चोट पहुंचा सकता है।
यूरोप का पलटवार: "हम झुकेंगे नहीं"
ट्रंप की इस धमकी का जवाब यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयन ने करारे शब्दों में दिया है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति हो या कारोबार, जब दोस्त हाथ मिलाते हैं तो उसका मतलब होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप का यह कदम पुरानी दोस्ती को तोड़ देगा और इसका फायदा सिर्फ अमेरिका और यूरोप के साझा दुश्मनों को ही होगा।
ग्रीनलैंड के लिए यूरोप की नई रणनीति
यूरोप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेगा। उल्टा, यूरोपीय संघ ने ग्रीनलैंड में अपना निवेश बढ़ाने और वहां के लोगों के साथ चट्टान की तरह खड़े होने का फैसला किया है। यूरोपीय नेताओं का मानना है कि बदलते हालात में यूरोप को अपनी 'रणनीतिक आजादी' की रक्षा खुद करनी होगी। अगर अमेरिका पुराने समझौते तोड़ता है, तो यूरोप भी ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए तैयार है।