CCT-CGC लांडरां द्वारा आयोजित ICAI 2026 में एआई इन्नोवेशन और स्टार्टअप कोलेबोरेशन पर प्रकाश डाला गया
इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन आर्टिफिशल इंटेलिजेंस: इनोवेशन इन कम्प्यूटेशन, मैनेजमेंट और बायोटेक्नोलॉजी (आईसीएआई 2026) का आयोजन
चंडीगढ़, 4 फरवरी 2026-चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (सीसीटी), सीजीसी लांडरां द्वारा एसीआईसी राइज़ एसोसिएशन के सहयोग से, एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के प्री-समिट पहल के रूप में किया गया। यह दो दिवसीय सम्मेलन भारत एवं विदेशों से आए प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, रिसर्चर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और स्टार्टअप इन्नोवेटर्स को एक मंच पर लेकर आया, जहाँ उन्होंने शोध, नवाचार तथा इंटर डिसिप्लिनरी सहयोग को आगे बढ़ाने में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में चीफ गेस्ट के रूप में प्रो. (डॉ.) भोला राम गुर्जर, डायरेक्टर, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एवं रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) चंडीगढ़, उपस्थित हुए। उनके साथ गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में उपस्थित हुए एर. प्रीतपाल सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, पंजाब राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (पीएससीएसटी) चंडीगढ़ तथा स्पेशल गेस्ट डॉ. दीपक कपूर, वरिष्ठ वैज्ञानिक, पीएससीएसटी, चंडीगढ़ की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ डॉ. राजदीप सिंह, कैंपस डायरेक्टर, डॉ. पालकी साहिब कौर, डायरेक्टर - प्रिंसिपल, सीसीटी, सीजीसी लांडरां सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र के मुख्य भाषणों में एंटरप्रेंयूर्शिप, रिसर्च और सोसाइटी डेवलपमेंट में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों द्वारा आइएसबीएन सहित कांफ्रेंस प्रोसीडिंग्स एवं अब्स्ट्रक्ट बुकलेट का भी विमोचन किया गया।
पहले दिन के कीनोट एवं टेक्निकल सेशंस में श्री तरुण मल्होत्रा, फाउंडर एवं सीईओ साइबर स्प्लंक एवं साइबर अकादमी, डॉ. बलविंदर सिंह, जॉइंट डायरेक्टर एंड हेड, एएससीडी, सी - डेक मोहाली तथा डॉ. वंदना भारती, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ एआई एंड डेटा इंजीनियरिंग, आईआईटी रोपड़ जैसे प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपनी बात सामने रखी। उनकी बातों में हेअल्थ्केयर, कम्प्यूटेशन तथा अन्य क्षेत्रों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोगों पर चर्चा की गई, जिससे सक्रिय शैक्षणिक संवाद और विचार-विमर्श को बढ़ावा मिला। दूसरे दिन की चर्चाओं में कम्प्यूटेशन, मैनेजमेंट, बायोटेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी एवं एजुकेशन में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोगों पर विस्तार से विचार किया गया। इस सेशन में डॉ. एहसान अली, प्रोफेसर, आईएनएसटी, मोहाली, श्री मोहित पाहवा, वीकेएम, एनएमआईएमएस, चंडीगढ़, श्री आशुतोष परिदा, हेड ऑफ इंजीनियरिंग, सागरी कंपनी लिमिटेड, बेंगलुरु, डॉ. जगनदीप सिद्धू, सीनियर प्लेटफॉर्म इंजीनियर, कोड तंत्रा टेक सॉल्यूशंस, हैदराबाद तथा डॉ. जल्पा सोनी, सीनियर डेटा साइंटिस्ट, एआई इनोवेशन लैब, बार्सिलोना, स्पेन जैसे प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। इसके साथ ही तनवीर सिंह (आईआईटी बॉम्बे) के विशेष संबोधन में डिजिटल शिक्षा के माध्यम से 21वीं सदी के महत्वपूर्ण स्किल्स के विकास में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की भूमिका पर बल दिया गया।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ड्राइविंग स्टार्टअप इनोवेशन - फ्रॉम आइडिएशन टू सक्सेस' विषय पर आयोजित स्टार्टअप पैनल चर्चा रही। कार्यक्रम का समापन वालेडिक्टरी सेरेमनी के साथ किया गया, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं के साथ-साथ उत्कृष्ट छात्रों को सम्मानित किया गया। बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड के विजेताओं में बीनू (बीएससी बायोटेक सेमेस्टर 3), गुंजन भारद्वाज (बीएससी बायोटेक सेमेस्टर 5), कुंजन (बीएससी माइक्रो सेमेस्टर 3), वैदेही (बीएससी माइक्रो सेमेस्टर 5) तथा तमन्ना (एमएससी बायोटेक सेमेस्टर 3) शामिल रहीं। पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में हृतिक सिंह, सिया सिंह एवं डॉ. दिब्यज्योति बनर्जी (पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और दूसरे स्थान पर रहे भावना चौधरी (पंजाब विश्वविद्यालय) एवं गुरविंदर सिंह (सीसीटी, सीजीसी लांडरां)। कंप्यूटेशन एवं मैनेजमेंट केटेगरी में ओरल प्रेज़ेंटेशन के विजेताओं में मणित मल्होत्रा (पंजाब विश्वविद्यालय) ने प्रथम स्थान, जसप्रीत कौर (सीईसी, सीजीसी लांडरां) ने दूसरा स्थान तथा सोनाली कामरा (गुरु काशी विश्वविद्यालय) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। लाइफ साइंसेज कैटेगेरी में अंशु कुमारी यादव (चंडीगढ़ विश्वविद्यालय) ने प्रथम स्थान हासिल किया, अमृतप्रीत कौर (सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली) एवं डॉ. विकास कुमार (चंडीगढ़ विश्वविद्यालय) दूसरा एवं तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस कांफ्रेंस का समापन डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी के एचओडी डॉ. गुरप्रीत कौर द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस अवसर पर आईसीएआई 2026 को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के तीव्र गति से विकसित हो रहे क्षेत्र में इनोवेशन, इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और कोलेबोरेशन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में रेखांकित किया गया, जो एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की परिकल्पना के अनुरूप है।
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